पिंडवाड़ा विकास सेवा समिति ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर की मांग; कहा- ‘सिरोही जिला मुख्यालय के सबसे नजदीकी स्टेशन पिंडवाड़ा पर दिया जाए ट्रेन का ठहराव’
पिंडवाड़ा/सिरोही।
क्षेत्रीय जनता और प्रवासियों के लिए एक बेहद हर्ष और उत्साह की खबर सामने आई है। भारतीय रेल द्वारा जनसुविधा तथा क्षेत्रीय संपर्क को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वाराणसी (काशी) से साबरमती (अहमदाबाद) वाया फालना एवं मारवाड़ जंक्शन के बीच एक नई रेलगाड़ी के संचालन को मंजूरी दे दी गई है।
इस नई रेल सेवा की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। इस सौगात के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और विशेष प्रयास करने वाले पाली के माननीय सांसद श्री पी.पी. चौधरी का कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया गया है। रेल मंत्री द्वारा सांसद पी.पी. चौधरी को लिखे आधिकारिक पत्र के माध्यम से इस ट्रेन की विधिवत स्वीकृति की जानकारी दी गई।
पिंडवाड़ा स्टेशन पर ठहराव की उठी जोरदार मांग
इस नई रेल सेवा की घोषणा के तुरंत बाद, पिंडवाड़ा विकास सेवा समिति के अध्यक्ष और अजमेर रेल मंडल (DRUCC) के पूर्व सदस्य काशीराम रावल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को जालौर-सिरोही लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री लुम्बाराम चौधरी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि इस जनउपयोगी ट्रेन का सिरोही जिला मुख्यालय के सबसे प्रमुख और नजदीकी बोर्डिंग रेलवे स्टेशन पिंडवाड़ा पर ठहराव (Stoppage) अनिवार्य रूप से दिया जाए।
ठहराव क्यों है जरूरी? समिति ने रखे ये न्यायसंगत तर्क:
- जिला मुख्यालय से सीधी कनेक्टिविटी: आजादी के बाद से अब तक सिरोही जिला मुख्यालय सीधी रेल सेवा से नहीं जुड़ सका है। जिला मुख्यालय से पिंडवाड़ा स्टेशन फोर-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI 62) द्वारा मात्र 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो पूरे जिले के यात्रियों के लिए मुख्य बोर्डिंग पॉइंट है।
- रणनीतिक भौगोलिक स्थिति: पिंडवाड़ा स्टेशन राष्ट्रीय राजमार्ग-62, राष्ट्रीय राजमार्ग-27 और स्टेट हाईवे-62 का ‘टर्मिनल जीरो पॉइंट’ है। इस वजह से यहाँ से पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों का आना-जाना बहुत सुगम होता है।
- दूरी का तार्किक अंतर: पिंडवाड़ा से अगला बड़ा स्टेशन आबूरोड 44 किलोमीटर और फालना 55 किलोमीटर की दूरी पर है। भौगोलिक दृष्टि से इन दोनों स्टेशनों के बीच पिंडवाड़ा में स्टॉपेज होना बेहद व्यावहारिक और आवश्यक है।
- भारी रेल राजस्व और औद्योगिक महत्व: पिंडवाड़ा एक प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर है। यहाँ स्थित बड़े सीमेंट प्लांटों के मालभाड़े से अजमेर रेल मंडल को प्रतिवर्ष अरबों रुपये का राजस्व मिलता है। रेलवे बोर्ड के मानदंडों के अनुसार यह स्टेशन NSG-5 श्रेणी की पात्रता रखता है।
- सालाना 10 लाख यात्री भार: आंकड़ों के अनुसार, पिंडवाड़ा स्टेशन से रेलवे को सालाना लगभग 13 करोड़ रुपये की आय होती है और यहाँ का वार्षिक यात्रीभार करीब 10 लाख है। इसके अलावा, सिरोही शहर में स्थित ‘नॉन-रेल हेड’ आरक्षण कार्यालय भी रेलवे को प्रतिवर्ष 1.30 करोड़ रुपये का राजस्व देता है।
धार्मिक और व्यावसायिक केंद्रों से सीधा जुड़ाव:
पिंडवाड़ा विकास सेवा समिति के अध्यक्ष काशीराम रावल ने बताया कि यदि इस नव-स्वीकृत ट्रेन का पिंडवाड़ा में ठहराव सुनिश्चित होता है, तो सिरोही और जालौर जिले की आम जनता, व्यापारियों और प्रवासियों को बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (काशी) जैसे धार्मिक स्थल और साबरमती (अहमदाबाद) जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र से सीधा और सुगम जुड़ाव मिल सकेगा। क्षेत्र की जनता को पूरी उम्मीद है कि रेल मंत्रालय इस जनभावना का सम्मान करते हुए जल्द ही पिंडवाड़ा स्टेशन पर ठहराव की भी स्वीकृति प्रदान करेगा।



