भाजपा बोर्ड के बचाव के अथक प्रयासों के बावजूद कांग्रेस पार्षद की मुहिम लाई रंग, दो अन्य कर्मचारियों पर भी लटकी निलंबन की तलवार
आबूरोड/सिरोही। राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने एक बडा कदम उठाते हुए आबूरोड नगरपालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) रामकिशोर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आबूरोड नगरपालिका में कचरा पात्र क्रय मामले में हुई गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं के चलते की गई है। वर्तमान में रामकिशोर पीपाड सिटी नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, जिन्हें विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दबंग पार्षद अब्बासी की लडाई लाई रंग इस बडे घोटाले का पर्दाफाश करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले नगर पालिका के दबंग एवं संघर्षशील पार्षद व जिला कांग्रेस कमेटी सचिव शमशाद अली अब्बासी की शिकायत पर यह बडी प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई गई है। अब्बासी ने इस मामले को लेकर उच्च स्तर पर लगातार पैरवी की थी और भ्रष्टाचार के पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत किए थे। उनकी इस अटूट लडाई के कारण ही आज आरोपी अधिकारी को अपने पद से हाथ धोना पडा है।
भाजपा बोर्ड पर लगा बचाव का आरोप स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह मामला अत्यंत गरमा गया है। बताया जा रहा है कि राज्य में भाजपा की सरकार होने के कारण भाजपा समर्थित पालिका अध्यक्ष ने इस पूरी जांच से खुद को बचाने और दागी अधिकारियों को संरक्षण देने के तमाम प्रयास किए थे। लेकिन कांग्रेस पार्षद शमशाद अली अब्बासी के लगातार प्रहारों और कडे विरोध के आगे भ्रष्टाचार की एक न चली और आखिरकार भाजपा शासन में ही सरकार को इस निलंबन आदेश पर मुहर लगानी पडी।

दो अन्य कर्मचारियों पर भी संकट, पालिका अध्यक्ष की सुनवाई जारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस घोटाले की आंच केवल अधिशासी अधिकारी तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। वर्तमान में पालिका अध्यक्ष के विरुद्ध भी सुनवाई की प्रक्रिया गंभीरता से जारी है। इसके अतिरिक्त, इस पूरे प्रकरण से जुडे दो अन्य मुख्य कर्मचारियों जसवंत मेघवाल और प्रवीण सिंह चारण पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। ये दोनों कर्मचारी भी किसी भी क्षण निलंबित किए जा सकते हैं, जिससे संपूर्ण नगरपालिका प्रशासन में हडकंप का माहौल व्याप्त हो गया है।



