ईमानदारी की प्रतिमूर्ति स्वर्गीय 'बाबूजी' की याद में पाठ्य सामग्री वितरित, वक्ताओं ने कहा—भ्रष्ट तंत्र के बीच आदर्श थे राव
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क, रानीवाड़ा। अपनी ईमानदारी और शिक्षा जगत में अविस्मरणीय योगदान के लिए पहचाने जाने वाले सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी स्वर्गीय मफतसिंह राव (बाबूजी) आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। गुरुवार को उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर स्थानीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में एक भावुक और प्रेरणादायी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस दौरान "कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे" के बाबूजी के संकल्प को दोहराते हुए विद्यालय के 500 छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री और कलम भेंट की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबूजी की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, जिसमें वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन को एक खुली किताब बताया।

सादा जीवन और भ्रष्टाचार पर प्रहार: वक्ताओं के विचार
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रिंसिपल महेंद्र कुमार ने कहा कि मफतसिंह राव ने पंचायतीराज विभाग में रहते हुए भी भ्रष्टाचार को कभी अपने पास फटकने नहीं दिया। उनका जीवन गरीब और बेसहारा परिवारों के कल्याण के लिए समर्पित था।
ज्येष्ठ पुत्र रतन सिंह राव ने अपने पिता के संघर्षपूर्ण जीवन और प्राथमिक शिक्षा से लेकर राजकीय सेवा के सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि साधन संपन्न वर्ग को आगे आकर गरीब बच्चों की जिम्मेदारी उठानी चाहिए, ताकि बाबूजी का सपना पूरा हो सके। वरिष्ठ शिक्षाविद् भूरसिंह मीणा ने भी छात्र-छात्राओं को बाबूजी के मूल्यों को आत्मसात करने की सीख दी।

हादसे में खोया था कोहिनूर, यादें आज भी अमर
बता दें कि पिछले वर्ष 16 अप्रैल 2025 की सुबह मंदिर जाते समय एक दर्दनाक सड़क हादसे में मफतसिंह राव का निधन हो गया था। पीछे से आ रही एक अनियंत्रित पिकअप की टक्कर ने समाज से एक जागरूक और नेक दिल इंसान को छीन लिया।
आज उनकी पहली पुण्यतिथि पर रतन हॉस्पिटल के प्रबंधक महिपाल चौधरी, भाजपा नेता व पन्ना प्रमुख लक्ष्मण देवासी पाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष छैलसिंह सोलंकी और कांग्रेस नेता अम्बालाल चितारा सहित कई गणमान्य नागरिकों ने उन्हें याद किया। कार्यक्रम से पूर्व सभी बच्चों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मौन प्रार्थना और होनहारों का सम्मान
सभा के दौरान विद्यालय प्रबंधन और अतिथियों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली एक होनहार छात्रा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। रतन सिंह राव ने बालिका को नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर उसका उत्साहवर्धन किया। पत्रकार रतन सिंह ने बताया कि बाबूजी की शिक्षा के प्रति जागरूकता आज भी नई पीढ़ी के लिए एक मशाल का काम कर रही है।







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