प्रभाकर सेवा संस्थान के ‘खेलो मारवाड़’ अभियान के तहत अनूठी पहल, आंगनवाड़ी बच्चों को मिले खिलौने और सामग्री
रानीवाड़ा क्षेत्र के मालवाड़ा गांव में एक सराहनीय पहल के तहत खिलौना बैंक का शुभारंभ किया गया, जिससे आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी। खिलौने पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे और पूरे माहौल में उत्साह का वातावरण बन गया।
यह पहल प्रभाकर सेवा संस्थान, रानीवाड़ा द्वारा चलाए जा रहे ‘खेलो मारवाड़’ अभियान के अंतर्गत की गई है। कार्यक्रम का शुभारंभ मालवाड़ा सरपंच प्रदीप सिंह देवल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। संस्थान के फाउंडर अमृत पुरोहित ने बताया कि भामाशाहों के सहयोग और स्थानीय प्रयासों से जिले का पहला खिलौना बैंक स्थापित किया गया है।
बच्चों के लिए खास पहल:
खिलौना बैंक में बच्चों के खेलने के लिए विभिन्न प्रकार के खिलौने और सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। इसके साथ ही संस्थान की ओर से बच्चों को फल और ड्रेस भी वितरित किए गए। आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चे खिलौने पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।
मोबाइल से दूरी, परंपरागत खेलों से जुड़ाव:
अमृत पुरोहित ने बताया कि ‘खेलो मारवाड़’ अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर कर पारंपरिक खेलों की ओर आकर्षित करना है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर हो सके।
अभियान की पृष्ठभूमि:
इस अभियान की शुरुआत जयपुर में राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा द्वारा पोस्टर विमोचन के साथ की गई थी। यह अभियान आगामी चार माह तक चलेगा, जिसमें चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों पर खिलौना बैंक स्थापित किए जाएंगे और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रेरणादायक संदेश:
खिलौने सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार होते हैं। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि हर गांव में इस तरह की पहल हो, तो बच्चों का बचपन और भी खुशहाल और रचनात्मक बन सकता है।
उपस्थित लोग:
इस अवसर पर अमृत पुरोहित, प्रदीप सिंह देवल, ग्राम विकास अधिकारी विकास कुमार, सतीश कुमार, वालाराम वाघेला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेखा जिनगर, आशा सहयोगिनी भावना कुंडला, दुर्गा राठौड़, सहायिका पवनी देवी, रमीला देवी, ऋषभ आचार्य, सुरेश रावल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







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