संकाय विकास कार्यक्रम के छठे दिन अनिल पिलानिया का संबोधन
रघुनाथ बिश्नोई मेमोरियल कॉलेज रानीवाडा में आयोजित सात दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) के छठे दिन प्रभावी संचार के निर्माण खंड विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित हुआ। प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं मिडकाई कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल पिलानिया (एमएस यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन) ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रभावी संचार के चार प्रमुख घटक होते हैं— स्पष्टता, संक्षिप्तता, सक्रिय श्रवण और प्रतिक्रिया। साथ ही यह भी बताया कि संचारक को प्राप्तकर्ता की दृष्टि से सोचते हुए सहानुभूति का अभ्यास करना चाहिए।

एफडीपी में विभिन्न विषयों पर हुए व्याख्यान
कार्यक्रम के पहले दिन बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनोद प्रसाद सिंह ने ऑप्टिकल रोटेटरी डिस्पर्सन और सर्कुलर डाइक्रोइज्म तकनीक पर व्याख्यान दिया।
दूसरे दिन राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त प्रोफेसर एस. के. गौतम (पूर्व डीन, शारीरिक शिक्षा एवं योग विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय, वाराणसी) ने समग्र स्वास्थ्य में योग की भूमिका पर चर्चा की।
तीसरे दिन कनिष्क बिश्नोई (वित्त, दुबई एवं एमएस जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय, अमेरिका) ने भारतीय और विदेशी शिक्षा संस्थानों के तुलनात्मक विश्लेषण पर विचार रखे।
चौथे दिन डॉ. मीनू चौधरी (प्राचार्य, श्री गुरु रामदास कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पंडरी, अमृतसर) ने नेक प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी।
पाँचवें दिन डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह (सहायक प्रोफेसर, शिक्षा विभाग, हरीश चंद्र पीजी कॉलेज, वाराणसी) ने शिक्षण और अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का संचालन और आभार
एफडीपी के संयोजक निदेशक डॉ. रोहित बिश्नोई रहे, जबकि तकनीकी सत्र में आईक्यूएसी निदेशक एवं प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र कुमार उब्बा तथा बी.एड. प्रभारी विश्राम मीणा ने विशेष सहयोग प्रदान किया। समापन सत्र में डॉ. रोहित बिश्नोई ने सभी शिक्षाविदों को धन्यवाद ज्ञापित किया। महाविद्यालय के समस्त आचार्यगण और कर्मचारी ऑनलाइन जुड़े हुए थे।







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