रानीवाड़ा—ग्राम पंचायत कूड़ा को नवीन पंचायत समिति करड़ा में शामिल करने के निर्णय के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने इस फैसले को अव्यवहारिक और अन्यायपूर्ण करार दिया।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत कूड़ा भौगोलिक रूप से रानीवाड़ा से अधिक जुड़ी हुई है और वहां प्रशासनिक सेवाएं अधिक सुलभ हैं, जबकि करड़ा समिति तक पहुंचने में ग्रामीणों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि ग्राम पंचायत सेवाड़ा, जो कूड़ा से अधिक दूर स्थित है, उसे रानीवाड़ा पंचायत समिति में शामिल किया गया है, जबकि कूड़ा को करड़ा में जोड़ा जाना अनुचित है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने और न्यायालय का सहारा लेने को मजबूर होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में पाल और कूड़ा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की। प्रशासन ने ज्ञापन को स्वीकार कर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
इस विरोध प्रदर्शन के परिणामस्वरूप प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है, और ग्रामीण अब सरकारी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।



