एक ही घर से देश सेवा में दो ‘कोहिनूर’, पिता महेंद्र सिंह के कलेजे के टुकड़ों ने समूचे राजपूताना का सीना गर्व से किया चौड़ा; जालोर में ऐतिहासिक स्वागत समारोह संपन्न
जालोर | जब देश की रक्षा और सेवा की बात आती है, तो एक माता-पिता के लिए अपने कलेजे के टुकड़े को वर्दी सौंपना किसी कठोर तपस्या से कम नहीं होता। अपने लाडलों को सरहद और देश की आंतरिक सुरक्षा के हवाले करना, दिल पर पत्थर रखने जैसा है; लेकिन यह शौर्य और त्याग हर किसी के हिस्से नहीं आता। जालोर की मानपुरा कॉलोनी के इतिहास में आज एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है, जिसने पूरे मारवाड़ को गौरव से सराबोर कर दिया है।

एक ही घर के दो सगे भाइयों ने अपनी कठोर मेहनत, आंसुओं और संकल्प से सफलता का वो परचम लहराया है, जो आज देश के करोड़ों युवाओं के लिए सबसे बड़ी ‘रियल लाइफ इंस्पिरेशनल स्टोरी’ बन चुका है।
6 बार गिरे, लेकिन 7वें प्रयास में फतेह कर ली भारतीय सेना
वरिष्ठ प्रबंधक (कोऑपरेटिव बैंक, जालोर) राव महेन्द्र सिंह बगेड़िया के सुपुत्र प्रीतम सिंह की सफलता सीधे आसमान से नहीं टपकी, बल्कि इसके पीछे असफलताओं का एक गहरा समंदर है। वर्ष 2018 में दसवीं पास करने के बाद प्रीतम ने जयपुर का रुख किया था। आँखों में सेना का ख्वाब लिए उन्होंने लगातार एनडीए (NDA) और सीडीएस (CDS) की परीक्षाएं दीं, लेकिन शुरुआती 6 प्रयासों में केवल मायूसी हाथ लगी।

चौथे प्रयास में लिखित परीक्षा तो पास की, लेकिन इंटरव्यू की दीवार नहीं लांघ पाए। लगातार मिल रही असफलताओं के बीच जब दुनिया ताने दे रही थी, तब पिता महेंद्र सिंह माताजी मंजू कँवर सहित मामाजी थानसिंह और दशरथ सिंह ने अपने बेटे और भांजे की ढाल बनकर उसे टूटने नहीं दिया और लगातार मोटिवेट किया। आखिरकार, अपने 7वें प्रयास में प्रीतम ने न सिर्फ यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा पास की, बल्कि ऑल इंडिया 41वीं रैंक लाकर जालोर शहर के पहले भारतीय सेना अधिकारी (लेफ्टिनेंट) बनने का ऐतिहासिक गौरव हासिल किया।
राष्ट्रपति मुर्मू से मिला सम्मान, बड़े भाई संजय बने दूजे ‘अनमोल रत्न’
लेफ्टिनेंट प्रीतम सिंह ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से 18 महीनों का बेहद पराक्रमी और कठिन प्रशिक्षण पूरा किया है। ट्रेनिंग के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखकर खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं।

बगेड़िया राव सिरदार परिवार की इस कामयाबी में असली चार चांद लगाते हैं उनके बड़े भाई संजय सिंह। जब प्रीतम जयपुर में संघर्ष कर रहे थे, तब बड़े भाई संजय उनके सबसे बड़े संबल थे। संजय सिंह वर्तमान में भारत सरकार के अधीन सीआईएसएफ (CISF) कस्टम इंस्पेक्टर / GST ऑफिसर के पद पर चेन्नई में तैनात हैं।

समाज के दो ‘प्रथम’ स्तंभ: राव सिरदार समाज के इतिहास में प्रीतम सिंह पहले लेफ्टिनेंट बने हैं, तो वहीं बड़े भाई संजय सिंह भी समाज के पहले GST ऑफिसर हैं। जालोर हाई स्कूल की सामान्य बेंच से उठकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँचने की दोनों भाइयों की यह ‘ट्विन स्टोरी’ जालोर की सबसे बड़ी पूंजी बन गई है।

ननिहाल से मिला ‘बुलेट’ का तोहफा, दिग्गजों ने दिया आशीर्वाद
इस शौर्य गाथा के पीछे दोनों भाइयों के ननिहाल भीनमाल के प्रतिष्ठित सेवड़सा राव सिरदार परिवार का भी बड़ा योगदान है। इनके मामा राव थान सिंह और दशरथ सिंह अपने भांजों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। खुशी के इस मौके पर मामा थान सिंह ओपावत ने अपने जांबाज भांजे लेफ्टिनेंट प्रीतम सिंह को बुलेट मोटरसाइकिल गिफ्ट करने का भव्य ऐलान किया है।

18 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद पहली बार जालोर आगमन पर दोनों भाइयों का ऐतिहासिक स्वागत समारोह बेहद धूमधाम से संपन्न हुआ। जालोर रेलवे स्टेशन से शुरू हुई भव्य शौर्य रैली में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने और दोनों अनमोल रत्नों को आशीर्वाद देने मारवाड़ की कई नामचीन हस्तियां कार्यक्रम में शरीक हुईं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
- डोडीयाली राव साहेब भंवर सिंह सा एवं चितलवाना राव साहेब मोहन सिंह सा
- सिरे मंदिर से पधारे संत श्री ईश्वरनाथ जी महाराज
- पूर्व प्रधान हिन्दू सिंह चौहान एवं पूर्व प्रधान आम सिंह परिहार
- प्रसिद्ध भाजपा नेता व मंडल अध्यक्ष (चाचा) गणपत सिंह बगेड़िया, शंकर सिंह बगेड़िया और ललित सिंह
- भाजपा नेता रविन्द्र सिंह बालावत एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवन सिंह राव और किसान नेता पहाड़ सिंह बोरली
- कांग्रेस नेता सवाराम चौधरी, प्रसिद्ध वकील हरिसिंह रेवदर और व्यवसायी भूप सिंह कासवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष शंभू सिंह सांचौर की मौजूदगी रही।

जालोर के इन शेरों को सलाम!
सर्कल न्यूज नेटवर्क इन दोनों जांबाज भाइयों—संजय सिंह और प्रीतम सिंह के जज्बे और उनके माता-पिता के त्याग को कोटि-कोटि नमन करता है। धन्य है वो बगेड़िया परिवार जिसने अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग कर देश को दो-दो रक्षक सौंपे। प्रीतम सिंह का यह संघर्ष चीख-चीख कर कह रहा है कि ‘अगर दिशा सही हो और हौसला अटूट, तो छठी बार की नाकामयाबी भी सातवीं बार में ऑल इंडिया रैंक बनने से नहीं रोक सकती।’ जब जालोर के दो सगे भाई एक साथ देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा की कमान संभाल रहे हों, तो भारत मां का आंचल यकीनन पूरी तरह सुरक्षित है।
इस कार्यक्रम के विशेष अवसर पर मारवाड़ और जालौर क्षेत्र की कई बड़ी राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य लोग सम्मिलित हुए:
किसान मोर्चा: नाथूसिंह तीखी एवं स्वरूपसिंह बिशनगढ़
भाजपा नेता: हर्षवर्धनसिंह बालवाड़ा
एससी मोर्चा: जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल
जेसीबी जालौर के प्रबंध निदेशक (MD) नारायणसिंह मिंडावास
राजनीतिक क्षेत्र से: कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष नैनसिंह राजपुरोहित
प्रशासनिक अधिकारी: उप रजिस्ट्रार (सहकारी) सुनील वीरभान एवं पीएमओ (PMO) डॉ. वीपी मीणा, आर्किटेक्ट चंदनसिंह रानीवाड़ा, एडवोकेट मदनसिंह, भाजपा नेता मंजू सोलंकी मौजूद रहे।
बगेड़िया परिवार और नगरवासियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इसके साथ ही परिवार के सदस्यों में राजवीरसिंह बगेड़िया, प्रकाशसिंह बगेडिया और अशोक सिंह बगेड़िया सहित शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में नगरवासी इस मौके पर मौजूद रहे।
जय हिंद, जय राजपूताना!



