रानीवाड़ा से गुमानसिंह राव, छोटुसिंह देवड़ा और राजूसिंह राजपुरा रहे मौजूद
जालोर। जालोर जिला मुख्यालय पर, भाईचारे और कौमी एकता को मजबूत करने के इरादे से एक अहम पहल की गई है। आज जिला कलक्टर सभागार में आगामी त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ मनाने के लिए जिलास्तरीय सीएलजी (Community Liaison Group) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मकसद था कि दीपावली, नवरात्रि, दशहरा, श्राद्धकर्म, बारावफात जैसे अहम त्यौहारों के दौरान अमन-चैन का माहौल बना रहे।

बैठक में जिला कलक्टर प्रदीप गवांडे और पुलिस अधीक्षक शैलेंद्रसिंह इंदोलिया की मौजूदगी में जिलेभर के थाना क्षेत्रों से आए सीएलजी सदस्यों ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान, एएसपी मोटाराम और कोतवाली इंचार्ज अरविंद राजपुरोहित भी मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर सावधानी बरतें: एसपी इंदोलिया
बैठक में एसपी शैलेंद्रसिंह इंदोलिया ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सदस्यों को खास हिदायत दी। उन्होंने कहा कि "सोशल मीडिया पर आपके द्वारा किया गया एक गलत संदेश आपको जेल, अदालत और अन्य लोगों की शरण में भेज सकता है। इसलिए सोच समझकर और सावधानी से अच्छी तरह पढ़कर ही किसी मैसेज को फॉरवर्ड या क्रिएट करें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।" उन्होंने यह भी बताया कि जिले में हो रही चोरी की घटनाओं पर पुलिस सतर्क है और कई मामलों में सफलता भी हासिल हुई है।

भाईचारा और अमन ही हमारी पहचान
बैठक में रानीवाड़ा के वरिष्ठ सीएलजी सदस्य गुमानसिंह राव ने खासतौर पर कौमी एकता और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नफरत पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "आज के दौर में जब सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार तेजी से फैलता है, तो यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम सकारात्मक संदेश फैलाएं। हम सबको मिलकर अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट्स के खिलाफ खड़े होना होगा।"
अन्य सदस्यों, जैसे छोटू सिंह देवड़ा, राजू सिंह राजपुरा, वीएन पुरोहित और महेंद्र सिंह ने भी अपने विचार रखे और कहा कि त्योहार आपसी प्रेम और सद्भाव का पैगाम लेकर आते हैं। हम सबको यह सुनिश्चित करना होगा कि ये पर्व हमारे रिश्तों को और मजबूत करें, न कि उनमें दरार डालें।
पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का संकल्प
बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रशासन, पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही हर मुश्किल का हल मुमकिन है। सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने इलाकों में किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को बढ़ने नहीं देंगे और फौरन प्रशासन को सूचित करेंगे। इस तरह के प्रयास दिखाते हैं कि जालोर जिले के लोग भाईचारे और अमन को कितनी अहमियत देते हैं। यह सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि एक ऐसा पैगाम है जो पूरे सूबे के लिए एक मिसाल बन सकता है।
यकीनन, जालोर का यह कदम आने वाले पर्वों को यादगार और खुशनुमा बनाने में मदद करेगा।







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