रानीवाड़ा (जाखड़ी)। रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं और किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से क्षेत्र में नासूर बनी कम वोल्टेज, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती की समस्याओं से आम जनता को जल्द ही निजात मिलने वाली है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) ने जनप्रिय नेता और पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल के अथक एवं निरंतर प्रयासों के चलते 33/11 केवी जीएसएस जाखड़ी पर अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित करने की आधिकारिक तौर पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस सौगात के मिलने से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।

जनहित की आवाज बने पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल
पिछले कुछ महीनों से रानीवाड़ा क्षेत्र में गर्मी और कृषि सीजन के दौरान बिजली का लोड अत्यधिक बढ़ गया था, जिसके चलते आए दिन ग्रिड फेल होने और ट्रांसफार्मर ट्रिप होने की शिकायतें मिल रही थीं। किसानों की फसलों की सिंचाई और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर इसका गहरा असर पड़ रहा था।
क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नारायणसिंह देवल ने कमान संभाली। उन्होंने ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर शासन के स्तर तक लगातार पत्राचार और बैठकों का दौर जारी रखा। देवल ने तथ्यात्मक रूप से यह बात रखी कि जाखड़ी जीएसएस पर क्षमता से अधिक लोड चल रहा है, जिसे तुरंत विस्तारित किए जाने की आवश्यकता है। आखिरकार, उनके इन निरंतर और जुझारू प्रयासों ने रंग दिखाया और डिस्कॉम ने अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की हरी झंडी दे दी।

जानिए, क्या होंगे इसके बड़े फायदे?
जाखड़ी जीएसएस पर अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगने से क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा और दीर्घकालिक लाभ मिलेगा:
- किसानों को निर्बाध सिंचाई: किसानों को अब खेतों में मोटर चलाने के दौरान लो-वोल्टेज और बिजली ट्रिपिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी। फसल के नाजुक वक्त पर पर्याप्त और पूरा करंट मिलने से सिंचाई कार्य सुचारु होगा।
- घरेलू व व्यावसायिक राहत: ग्रिड पर लोड कम होने से वोल्टेज का उतार-चढ़ाव थमेगा, जिससे घरों के महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलने का खतरा टल जाएगा और दुकानदारों व उद्यमियों को सुचारु बिजली मिलेगी।
- सुदृढ़ विद्युत ढांचा: रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र का पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क अब तकनीकी रूप से कहीं अधिक मजबूत और सक्षम हो जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा: इससे नारायणसिंह देवल को क्या होगा फायदा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल के राजनीतिक कद और जनहितैषी छवि को और अधिक मजबूत करने वाला साबित होगा। इसके मुख्य राजनीतिक लाभ इस प्रकार हैं:
- 'जनता के सच्चे सेवक' की छवि का सुदृढ़ होना: चुनाव में हार-जीत अपनी जगह है, लेकिन पद पर न रहते हुए भी जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय रहना यह साबित करता है कि देवल जनता के सुख-दुख में हमेशा आगे खड़े रहते हैं। इससे उनका जनसंपर्क और अधिक मजबूत होगा।
- ग्रामीण और किसान वर्ग में पैठ: रानीवाड़ा मूलतः कृषि प्रधान क्षेत्र है। किसानों की सबसे बड़ी समस्या 'बिजली' का समाधान करवाने से किसान वर्ग के बीच उनका प्रभाव और अधिक गहरा होगा, जो भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं के लिए बेहद सकारात्मक है।
- सक्रियता का संदेश: इस बड़ी स्वीकृति को लाकर देवल ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वे भले ही वर्तमान में विधायक न हों, लेकिन रानीवाड़ा के विकास कार्यों में उनकी सक्रियता और पकड़ आज भी उतनी ही मजबूत है।
क्षेत्रवासियों ने इस शानदार सौगात के लिए पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल का आभार जताते हुए इसे रानीवाड़ा के विकास में एक 'मील का पत्थर' करार दिया है।









पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां