जालोर। सर्कल न्यूज़ नेटवर्क। राजस्थान के राजमार्गों पर अब तकनीक की नई इबारत लिखी जा रही है। भीनमाल, और रानीवाड़ा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे-31 को अत्याधुनिक 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम' (ITCS) से लैस किया जा रहा है। यह पहल राज्य के परिवहन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि यह राजस्थान का पहला ऐसा राज्य मार्ग होगा जहाँ इस तरह की आधुनिक सुविधाएँ लागू की जा रही हैं। यह कदम न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा को यकीनी बनाएगा, बल्कि सफर को भी आसान और शानदार बना देगा।

सफर होगा शानदार और सुरक्षित: '9 पॉइंट और 3 स्क्रीन' से मिलेगी रियल-टाइम जानकारी
लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता (AEN) अमित सुथार ने बताया कि इस अत्याधुनिक सिस्टम में कुल 9 महत्वपूर्ण पॉइंट्स स्थापित किए जा रहे हैं। इन पॉइंट्स में 3 बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी जो यात्रियों को ट्रैफिक की स्थिति, मौसम की जानकारी और किसी भी दुर्घटना की खबर तुरंत मुहैया कराएंगी।
इसके अलावा, तीन जगहों पर 'इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम' लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे और सेंसर दुर्घटना या किसी भी अप्रत्याशित घटना का पता लगाते ही तुरंत पुलिस और PWD को अलर्ट भेजेंगे। इसका सीधा फायदा यह होगा कि आपातकालीन मदद समय पर पहुँच पाएगी।

अति-रफ़्तार पर लगेगी लगाम: 'स्पीड वायलेशन' और 'वेरिएबल मैसेज सिस्टम' से नियंत्रण
यह सिस्टम सिर्फ दुर्घटनाओं पर ही नहीं, बल्कि तेज़ रफ़्तार पर भी लगाम लगाएगा। हाईवे पर तीन जगहों पर 'स्पीड वायलेशन' कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कर सीधे पुलिस थाने को रिपोर्ट भेजेंगे। इससे हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, तीन जगहों पर 'वेरिएबल मैसेज सिस्टम' (VMS) स्क्रीनें लगाई गई हैं। इनमें से एक स्क्रीन साजी की वेरी और रेलवे ब्रिज के बीच गैलेंट्री पर लगाई गई है। ये स्क्रीनें बदलते मौसम, ट्रैफिक जाम या आगे किसी भी खतरे के बारे में ड्राइवर को पहले ही आगाह कर देंगी, जिससे वे समय रहते सावधानी बरत सकें।

राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ सहयोग
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए PWD ने राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ टाई-अप किया है। सिस्टम की केबल डालने का काम तेज़ी से जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही यह सुविधा पूरी तरह से शुरू हो जाएगी। यह आधुनिक ITS तकनीक, जो अब तक सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्गों पर ही देखी जाती थी, अब राज्य के मार्गों पर भी उपलब्ध होगी। इससे आम यात्रियों का सफर न सिर्फ सुरक्षित बल्कि ज्यादा अनुशासित भी हो जाएगा।
यह नई पहल राजस्थान सरकार की स्मार्ट और सुरक्षित परिवहन की दिशा में एक बड़ी कोशिश है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस कामयाबी के बाद राज्य के दूसरे हाईवे पर भी इसी तरह की सुविधाएँ शुरू की जाएंगी।







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