चितलवाना। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के लंबित दावों और बीमा कंपनी की मनमानी पर चर्चा के लिए आज चितलवाना उपखंड कार्यालय में तहसील स्तरीय शिकायत निवारण समिति (TGRC) की बैठक आयोजित की गई। उपखंड अधिकारी देशलाराम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई गई और उन्हें सख्त हिदायत दी गई।
बैठक में कृषि विभाग, किसान संगठनों और संबंधित अधिकारियों के प्रतिनिधि मौजूद थे, जिनमें कृषि अधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत, सहायक कृषि अधिकारी प्रेमचंद चूला, तहसीलदार चमनलाल सियोल, और संयुक्त किसान मोर्चा के सचिव सुरेश खिलेरी प्रमुख थे।
उपखंड अधिकारी ने जताई नाराजगी
बैठक में उपखंड अधिकारी देशलाराम ने तब नाराजगी जताई, जब बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक बैठक में बिना एजेंडा और बिना पूरी जानकारी के पहुंचे। उन्होंने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में अगर ऐसा हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी की मनमानी पर उठाए गए सवाल
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि सुरेश खिलेरी ने बैठक में कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रिलायंस बीमा कंपनी न तो समय पर फसलों का सर्वे करती है और न ही खराबे की रिपोर्ट किसानों को दी जाती है। उन्होंने बताया कि किसानों के करोड़ों रुपये के दावे लंबे समय से अटके पड़े हैं। इसके अलावा, किसानों को समय पर बीमा पॉलिसी बॉन्ड भी नहीं मिल रहे हैं, और तो और कंपनी के अधिकारी किसानों के फोन तक नहीं उठाते।
बैठक में यह भी सामने आया कि ई-मित्र केंद्रों से की गई कई पॉलिसियों को बिना किसी ठोस कारण के रद्द कर दिया गया, जिसे किसानों के साथ अन्याय बताया गया। TGRC के सदस्यों ने भी दावों के जल्द निपटारे पर जोर दिया।
बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने रिलायंस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा बरती जा रही ढिलाई पर गुस्सा जाहिर किया और उन्हें अगली बैठक में पूरी तैयारी और जानकारी के साथ आने के कड़े निर्देश दिए।



