रानीवाडा संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन घरने के 21वें दिन आखराड़ ग्राम पंचायत के पांच गांवों में बंद का आयोजन रखकर रानीवाड़ा तहसील को सांचौर जिले में जोड़ने का विरोध जताया। धरना स्थल पर आल फिर से स्थानीय विधायक नारायणसिंह देवल पहुंचे और सांचौर को जिला बनाने के पीछे छुपा हुआ एक एजेंडा होना बताया।
देवल ने कहा कि राजस्थान सरकार ने बड़ी तादात में नए जिलों का सजृन करने के लिए रामलुभाया की अध्यक्षता में एक आयोग बनाया। बावजूद इसके, आयोग के अध्यक्ष या सदस्यों ने आमजन या जनप्रतिनिधियों से बिना सलाह मश्विरा लिए अपनी मनमर्जी से नए जिले बना दिया। जिसके पीछे विधानसभा को लेकर एक छुपा हुआ एजेंडा है। सरकार की नीति और नियत में फर्क है।

देवल ने कहा कि रानीवाड़ा विधानसभा को दो भागों में बांट दिया। जो सरनाऊ पंचायत समिति की 13 ग्राम पंचायतों को सांचौर में रहना है तो उनको वही रखा जाए। रानीवाड़ा तहसील को जालोर में यथावत या भीनमाल को नया जिला बनाकर उसमें समायोजन कराना आवश्यक है। आखराड़ उपसरपंच नानजीराम देवासी ने भीनमाल को नया जिला बनाने की मांग रखी गई।
समाजसेवी प्रताप पुरोहित ने कहा कि सरकार शीघ्र ही सुनवाई करे अन्यथा क्रमिक अनशन और भूख हड़ताल सहित बागोड़ा की तर्ज पर महापड़ाव दिया जाएगा। धरने को कविराज शेरदान, लसाराम, भेमाराम सहित कई ग्रामीणों ने संबोधित किया। संचालन मुकेश खंडेलवाल की ओर से किया गया।
इस मौके पर केवाराम, हरकाराम चौधरी, बाबूलाल, गोदाराम प्रजापत, उकसिंह देवल, गणेशाराम, वागाराम चौधरी, जबराराम पुरोहित, अचलाराम चौधरी, मसराराम पुरोहित, पारस पुरोहित, मसराराम दौलपुरा, दानाराम चौधरी, हिम्मताराम पुरोहित, नरेश वाड़ा, पदमाराम भील, वगताराम देवासी, मेवाराम, पुनमाराम, अमरसिंह देवल, हडमतसिंह देवल, गोदाराम मेघ्ज्ञवाल, शंभुपुरी सहित कई जने मौजूद रहे।







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