सहकार सप्ताह: मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा- आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी दूध की गुणवत्ता, किसानों की आय में होगा इजाफा
सर्किल न्यूज़ नेटवर्क रानीवाड़ा/सायला. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में जालोर-सिरोही जिला दुग्ध संघ (सरस डेयरी) रानीवाड़ा ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सहकार सप्ताह के उपलक्ष्य में डेयरी से संबद्ध दुग्ध समिति मोकणी में नवनिर्मित बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) भवन का भव्य लोकार्पण एवं दुग्ध उत्पादकों का पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। गांव में नई तकनीक का प्लांट लगने और सम्मान समारोह को लेकर स्थानीय किसानों और पशुपालकों में भारी उत्साह देखने को मिला। अतिथियों का साफा और माल्यार्पण कर पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में बहुमान किया गया।
दूध की गुणवत्ता और किसानों का मुनाफा दोनों बढ़ेंगे विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सहकारिता को ग्रामीण विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि डेयरी समितियों में बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) स्थापित होने से दूध के खराब होने की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी। दूध को तुरंत ठंडा करने की इस आधुनिक तकनीक से इसकी गुणवत्ता लंबे समय तक बरकरार रहेगी, जिसका सीधा फायदा उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद बनाने में मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब गुणवत्ता सुधरेगी, तो स्वाभाविक रूप से पशुपालकों को उनके दूध के बेहतर दाम मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

मेहनतकश पशुपालकों का हुआ सम्मान सहकार सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में डेयरी से जुड़े उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादकों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। गर्ग ने कहा कि समय-समय पर ऐसे पारितोषिक वितरण से किसानों का हौसला बढ़ता है और गांवों में सहकारिता आंदोलन को एक नई ऊर्जा मिलती है। पुरस्कार पाकर दुग्ध उत्पादकों के चेहरे खुशी से चमक उठे।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और अन्य गणमान्य लोगों द्वारा आयोजन स्थल के समीप पौधारोपण किया गया। उपस्थित ग्रामीणों से इन पौधों के बड़े होने तक उनकी देखभाल का संकल्प भी दिलाया गया।

यह रहे मौजूद समारोह में सहकारिता और प्रशासन का बेहतर तालमेल देखने को मिला। कार्यक्रम में सायला तहसीलदार लक्ष्मी चौधरी, उप रजिस्ट्रार सुनील विरभाण, पीएण्डआई डेयरी प्रभारी जवानसिंह बालावत, जयंती चौधरी, दुग्ध समिति अध्यक्ष मोडसिंह, महंत भोपाभारती, समिति सचिव विक्रमसिंह, सामाजिक कार्यकर्ता डूंगरसिंह, उमराव सिंह, दलपत चौधरी और गजेंद्र सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा बिजली विभाग, जलदाय विभाग एवं अन्य प्रशासनिक विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।







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