सांचौर। राजस्थान में सुशासन और कानून व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए बदमाशों ने सांचौर में एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। आमजन, किसानों और व्यापारियों को निशाना बनाने के बाद अब बेखौफ चोरों ने भगवान के घर को भी नहीं बख्शा। क्षेत्र की अगाध श्रद्धा और आस्था के प्रमुख केंद्र बालाजी धाम गोलासन मंदिर में देर रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर न केवल चोरी की, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार की लचर सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।
वारदात का तरीका: बेखौफ आए चोर, सीसीटीवी की डीवीआर तक तोड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात अज्ञात बदमाशों ने गोलासन बालाजी मंदिर परिसर में प्रवेश किया। चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे मंदिर में रखी भारी-भरकम दानपेटी को ही उठाकर अपने साथ ले गए। मंदिर से कुछ दूरी पर ले जाकर चोरों ने दानपेटी को कटर या भारी औजारों से तोड़ डाला और उसमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई मोटी नकदी समेटकर फरार हो गए।
इतना ही नहीं, सांचौर पुलिस को खुली चुनौती देते हुए चोरों ने साक्ष्यों को मिटाने के लिए मंदिर के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर (DVR) के साथ भी तोड़फोड़ की और भगवान के मुकुट व छत्र को भी क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया।
घर, दुकान, खेत और अब मंदिर… सांचौर में सुरक्षित कौन?
गोलासन मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी की खबर जैसे ही सुबह आग की तरह फैली, पूरे सांचौर क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त हो गया। मंदिर पर एकत्र हुए स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जनता का सीधा आरोप है कि सांचौर में आए दिन चोरों के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
- पहले आम नागरिकों के घर सुरक्षित नहीं थे।
- फिर व्यापारियों की दुकानें और किसानों के खेतों से मोटर-केबल चोरी होने का सिलसिला शुरू हुआ।
- और अब, सांचौर के सबसे बड़े आस्था केंद्र पर यह डाका पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र की पोल पट्टी खोल रहा है।
"जब भगवान का दर ही सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? सांचौर पुलिस अपराधियों के सामने पूरी तरह नतमस्तक हो चुकी है।"
— आक्रोशित ग्रामीण व श्रद्धालुगृह विभाग और राज्य सरकार के दावों की खुली पोल
यह घटना सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि राजस्थान सरकार के गृह विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है। सांचौर को जिला रद्द करने और सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार के राज में आज अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। रात के समय पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है, जिसका नतीजा आज गोलासन बालाजी मंदिर के रूप में सामने आया है।
सर्कल न्यूज का तीखा सवाल:
- सांचौर पुलिस आखिर किसका इंतजार कर रही है? जब अपराधियों में कानून का कोई खौफ ही नहीं बचा, तो थानों में बैठी भारी-भरकम फोर्स किस काम की है?
- सीसीटीवी की डीवीआर तक हाथ साफ करने वाले शातिर चोरों का सुराग लगाने में पुलिस की तकनीकी सेल अब तक नाकाम क्यों है?
- क्या राज्य सरकार सांचौर की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर है, या फिर जनता को इसी तरह रामभरोसे छोड़ दिया जाएगा?
हमारा स्टैंड:
सर्कल न्यूज नेटवर्क इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है और प्रशासन से मांग करता है कि महज औपचारिकता की जांच छोड़कर, तुरंत विशेष टीमों का गठन किया जाए। चोरों को पाताल से भी ढूंढकर निकाला जाए और गोलासन बालाजी मंदिर की दानपेटी व अन्य सामान बरामद कर सांचौर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का यह आक्रोश उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है।







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