अन्नदाता का अल्टीमेटम: अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा भारतीय किसान संघ, कहा- "अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलें, वरना परिणाम भुगतने होंगे"
सर्कल न्यूज नेटवर्क: रानीवाड़ा
भारतीय किसान संघ रानीवाड़ा के नेतृत्व में आज से उपखंड कार्यालय के बाहर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। आज धरने का पहला दिन था, लेकिन प्रशासन की बेरुखी के चलते किसानों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। कल धरने का दूसरा दिन होगा और संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक 11 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

🔥 सरकार की नींद उड़ाने वाले मुख्य बिंदु
- मूंगफली खरीद में धांधली बंद हो: बारिश से मूंगफली का सिर्फ छिलका काला हुआ है, दाना सही है, फिर भी रिजेक्ट क्यों? तुलाई तुरंत हो।
- बिजली पर धोखा नहीं सहेगा किसान: सीएम के वादे के मुताबिक दिन में बिजली मिले, 33/11 KV जीएसएस की क्षमता बढ़ाई जाए।
- ट्रांसफार्मर बदलने की समय सीमा: जले हुए ट्रांसफार्मर 5-10 दिन नहीं, बल्कि 72 घंटे के भीतर बदले जाएं।
- जल जीवन मिशन में लूट: ढाणियों में नल कनेक्शन के नाम पर 1000-1500 रुपये वसूले, लेकिन नलों में हवा आ रही है, पानी नहीं।
- बीमा कंपनियों की मनमानी: बैंक प्रीमियम काट रहे हैं, लेकिन पॉलिसी नहीं दे रहे। सर्वे में कृषि पर्यवेक्षक को साथ रखना अनिवार्य हो।

प्रशासन की 'पोल-खोल' और किसानों का दर्द किसानों ने ज्ञापन के जरिए प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली की धज्जियां उड़ा दी हैं। ज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि जल जीवन मिशन एक 'बदनाम योजना' साबित हो रही है। गांवों में आबादी क्षेत्र में नल टूटे पड़े हैं और पानी व्यर्थ बह रहा है, जबकि ढाणियों में बूंद-बूंद को लोग तरस रहे हैं।
अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप संघ ने आरोप लगाया है कि फसल खराबे की रिपोर्ट बनाने के लिए पटवारियों को ऊपर से निर्देश दिए जाते हैं कि "खराबा कितना लिखना है", जो कि सरासर अन्याय है। 33% से अधिक नुकसान पर मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकारी हकीकत छिपा रहे हैं। वहीं, फसल बीमा कंपनी के कर्मचारी अकेले खेतों में जाकर मनमर्जी से सर्वे कर रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आर-पार की लड़ाई का ऐलान किसानों का कहना है कि सरकार स्मार्ट मीटर ढाणियों में लगाने का विचार त्याग दे और कृषि उपज मंडियों में किसानों को तुलाई के लिए दिनों का इंतजार न करवाएं।
सर्कल न्यूज का सवाल: क्या प्रशासन कल धरने के दूसरे दिन किसानों की सुध लेगा या यह आंदोलन उग्र रूप लेगा?
सर्कल न्यूज नेटवर्क, जालोर।







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