सरपंच वरदाराम माली की कूटनीति लाई रंग; हुकमसिंह देवल बने निर्विरोध चेयरमैन, किसानों में हर्ष की लहर
[रानीवाड़ा/जालौर] राजस्थान सरकार की मंशा के अनुरूप अब गांव का पैसा गांव के विकास में ही खर्च होगा। प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर 'ग्राम सेवा सहकारी समितियों' (GSS) की स्थापना का जो नवाचार किया गया है, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 'संजीवनी' सिद्ध हो रहा है। इसी कड़ी में रानीवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सिलासन में सहकारिता के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। सरपंच प्रशासक वरदाराम माली (ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष, रानीवाडा) के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक चातुर्य से सिलासन मुख्यालय पर नवीन जीएसएस का गठन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।

निर्विरोध चुनी गई कार्यकारिणी: हुकमसिंह देवल को कमान
सहकारिता निरीक्षक सुरेश परिहार की मौजूदगी में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता सरपंच वरदाराम माली ने की। बैठक में लोकतांत्रिक मूल्यों और सर्वसम्मति का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए ठाकुर हुकमसिंह देवल को चेयरमैन और कांतिलाल मेघवाल को वाइस चेयरमैन मनोनीत किया गया।
इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिसमें खेताजी देवासी, सवजी भील, भोमजी भील, गवरीदेवी हीरागर, नैनुदेवी देवासी, जैसाजी माली, बाबुसिंह राजपूत, मेवजी देवासी, रतनजी चौधरी, गोपालसिंह राजपूत, कालाजी माली, भोमाराम सुथार और विजयकुमार माली को शामिल किया गया है।
जीएसएस गठन के क्रांतिकारी फायदे
ग्रामीण क्षेत्र में सहकारी समिति बनने से किसानों को निम्नलिखित प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे:
- सुलभ ऋण सुविधा: किसानों को अब खाद, बीज और खेती के उपकरणों के लिए साहूकारों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। समिति से कम ब्याज दर पर अल्पकालीन और मध्यकालीन ऋण उपलब्ध होगा।
- खाद-बीज की उपलब्धता: बुवाई के समय यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत से निजात मिलेगी। समिति सीधे किसानों को उचित मूल्य पर उन्नत बीज और उर्वरक मुहैया कराएगी।
- बिचौलियों का अंत: किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उनके खातों में पहुंचेगा।
- स्थानीय रोजगार और सशक्तिकरण: समिति के माध्यम से गांव का पैसा गांव में ही रहेगा, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
सरकार का बेहतरीन नवाचार
राज्य सरकार द्वारा हर पंचायत पर जीएसएस खोलने का निर्णय किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए एक मील का पत्थर है। यह कदम न केवल खेती को लाभ का सौदा बनाएगा, बल्कि 'सहकार से समृद्धि' के सपने को भी साकार करेगा। सिलासन में हुए इस आयोजन के दौरान उपसरपंच प्रतिनिधि आंबाराम देवासी, रोजगार सहायक वचनाराम सोलंकी, ईमित्र संचालक पन्नेसिंह भोमिया, धुखाराम भील, जीतुसिंह भोमिया, माधाराम मेघवाल, पुनमाराम भील, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि ओखाराम भील, जयसिंह, मफजी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।







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