रानीवाड़ा/राजस्थान। सड़कों के किनारे बढ़ते अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सड़क सुरक्षा और भविष्य में सड़क विस्तार की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सड़कों की श्रेणी के अनुसार 'बिल्डिंग लाइन' और 'कंट्रोल लाइन' के मानक तय किए हैं। नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों को अवैध मानकर हटाया जाएगा।

क्या हैं नए मानक? (केंद्र बिंदु से दूरी)
सड़क के मध्य बिंदु (Center Line) से दोनों तरफ की दूरी को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट तालिका जारी की है:
| क्र.सं. | सड़क की श्रेणी | बिल्डिंग लाइन की दूरी (नो-कंस्ट्रक्शन जोन) | कंट्रोल लाइन की दूरी (प्रतिबंधित क्षेत्र) |
| 1. | राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग | 40 मीटर | 75 मीटर |
| 2. | एम.डी.आर. (MDR) | 25 मीटर | 60 मीटर |
| 3. | ओ.डी.आर. (ODR) | 15 मीटर | 17.5 मीटर |
| 4. | ग्रामीण सड़क | 12.5 मीटर | 15 मीटर |
बिल्डिंग लाइन और कंट्रोल लाइन का गणित
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सड़क के केंद्र से बिल्डिंग लाइन तक की भूमि का भू-परिवर्तन (Conversion) किसी भी स्थिति में नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, बिल्डिंग लाइन से लेकर कंट्रोल लाइन तक के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भवन निर्माण गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा।
नोट: मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ये मानक अलग-अलग हो सकते हैं। मैदानी इलाकों में नेशनल हाईवे के लिए कुल कंट्रोल लाइन की चौड़ाई 150 मीटर (दोनों तरफ 75-75 मीटर) तक निर्धारित की गई है।
अवैध निर्माणों पर चलेगा पीला पंजा
सड़क सीमा के भीतर आने वाले वे सभी निर्माण जो बिना अनुमति या तय सीमा के उल्लंघन में बनाए गए हैं, उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना और दुर्घटनाओं को रोकना है। यदि आपने हाल ही में सड़क किनारे जमीन खरीदी है या निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो इन मानकों की जांच अनिवार्य है।







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