उदयपुर रेफर केस में भी हुआ चमत्कार, राजस्थान और गुजरात की महिलाओं के लिए वरदान बना रेवदर का यह अस्पताल
रेवदर। चिकित्सा के क्षेत्र में जहां आज के दौर में सिजेरियन ऑपरेशन की बहुलता देखी जाती है, वहीं रेवदर स्थित भारती हॉस्पिटल एवं सोनोग्राफी सेंटर के चिकित्सकों ने अपनी कुशलता और सेवा भावना से एक नई मिसाल पेश की है। बीते 24 घंटों के भीतर अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने गुजरात और राजस्थान के विभिन्न जिलों से आईं 8 से अधिक गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) करवाकर मानवता का परिचय दिया है।

उदयपुर रेफर केस में दिखा ‘चमत्कार’
सबसे चौंकाने वाला और सुखद मामला सिरोही के रामपुरा की एक मुस्लिम समाज की महिला का रहा। महिला के शरीर में प्लेटलेट्स की अत्यधिक कमी होने के कारण सिरोही के चिकित्सकों ने उन्हें उदयपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, जहां सिजेरियन ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प बताया गया था।
लेकिन परिजनों ने एक अनुभवी रिश्तेदार की सलाह मानकर महिला को भारती हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां के डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पूरी सावधानी के साथ प्रसव प्रक्रिया को अंजाम दिया और बिना किसी ऑपरेशन के सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी करवाकर परिवार को बड़ी राहत दी।

सरहद पार से भी पहुंच रहे मरीज
अस्पताल की साख अब केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं है। पड़ोसी राज्य गुजरात के बनासकांठा जिले से भी बड़ी संख्या में मरीज यहाँ पहुंच रहे हैं। हाल ही में बनासकांठा की देवासी और गरासिया समाज की महिलाओं सहित राजस्थान के पाली (सुथार समाज), बाड़मेर (राजपूत समाज), सिरोही (माली व देवासी समाज), शिवगंज (भील समाज) और रेवदर (कलबी समाज) की महिलाओं ने सुरक्षित मातृत्व के लिए इस केंद्र पर भरोसा जताया।

डाक की महिला ने जुड़वा बच्चों को दिया जन्म
अस्पताल में खुशियों का माहौल तब और दोगुना हो गया जब डाक (रेवदर) की कलबी समाज की एक महिला ने दो स्वस्थ जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। यह प्रसव भी पूरी तरह सामान्य रहा, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
रेफर के बावजूद डॉक्टरों पर अटूट भरोसा
इनमें से अधिकांश महिलाएं ऐसी थीं, जिन्हें जटिलता के कारण बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर किया जा चुका था। लेकिन भारती हॉस्पिटल की टीम पर लोगों का विश्वास इस कदर अटूट था कि उन्होंने किसी और शहर जाने के बजाय यहीं इलाज करवाना उचित समझा। डॉक्टरों की टीम ने भी इस भरोसे को टूटने नहीं दिया और सभी महिलाओं के ‘नॉर्मल डिलीवरी’ के सपने को हकीकत में बदल दिया।



