जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने जारी किया आदेश, जिला स्तरीय समिति में जैन समाज के 10 प्रबुद्धजन किए गए शामिल
सर्किल न्यूज नेटवर्क जालोर। राजस्थान सरकार के संकल्प पत्र (बजट घोषणा) में शामिल अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु "हम जैन संतों के चातुर्मास के लिए भूमि आवंटित करेंगे एवं पर्याप्त प्रोटेक्शन प्रदान करेंगे" को धरातल पर उतारने के लिए जालोर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस घोषणा की अनुपालना में अति. मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग की अध्यक्षता में हुई विभागीय समीक्षा बैठक (दिनांक 29.09.2025) तथा निदेशालय, अल्पसंख्यक मामलात विभाग, राजस्थान, जयपुर के निर्देशों के तहत जालोर में जिला स्तरीय समिति का गठन पहले ही किया जा चुका था।
अब इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा जनभागीदारी से जोड़ने के लिए जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने एक नया कार्यालय आदेश जारी कर जैन समुदाय के 10 प्रमुख प्रबुद्धजनों और प्रतिनिधियों को इस समिति में बतौर सदस्य शामिल किया है।

पुलिस रखेगी विशेष निगरानी, चातुर्मास और विहार में मिलेगी पूरी सुरक्षा सरकारी आदेश के अनुसार, जैन संतों, श्रमणों (साधु-साध्वियों) के विहार, भ्रमण और चातुर्मास के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए गए हैं। कार्यालय पुलिस अधीक्षक, जालोर के पत्र के माध्यम से जिले के समस्त थानाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जैन श्रमणों के पैदल विहार व चातुर्मास के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें। संतों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात किया जाएगा ताकि वे निर्भय होकर अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।

क्या थी सरकार की बजट/संकल्प पत्र घोषणा? (पूरा ब्रीफ) राजस्थान सरकार ने अपने संकल्प पत्र में विशेष रूप से जैन समाज के पूज्य संतों की सुरक्षा और धार्मिक अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी घोषणा की थी, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- भूमि आवंटन और भवन व्यवस्था: जैन संतों के चातुर्मास, विहार, भ्रमण, ठहरने और प्रवचनों आदि के लिए राज्य के विभिन्न स्थानों पर भूमि का आवंटन करना और उचित भवन व्यवस्था सुनिश्चित करना।

- पर्याप्त सुरक्षा (प्रोटेक्शन): संतों के पैदल विहार और चातुर्मास के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा उन्हें पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराना ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाया जा सके। इसी घोषणा को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए जालोर जिला प्रशासन द्वारा यह पूरी प्रशासनिक कवायद की जा रही है।
समिति में शामिल किए गए जैन समाज के सभी 10 प्रबुद्धजन और उनके क्षेत्र: प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जालोर जिले के विभिन्न उपखण्डों से जैन समाज के निम्नलिखित प्रतिनिधियों को समिति का भाग बनाया गया है:
- श्री माणकमल भंडारी – अध्यक्ष, जैन जागृत मंच, भीनमाल (उपखण्ड: भीनमाल)
- श्री मुकेश बाफना – अध्यक्ष, जैन महावीर मंडल, भीनमाल (उपखण्ड: भीनमाल)
- श्री कालूराज मेहता – अध्यक्ष, श्री त्रिस्तुतिक जैन संघ, जालोर (उपखण्ड: जालोर)
- श्री विकास जैन – अध्यक्ष, जैन युवा परिषद, जालोर (उपखण्ड: जालोर)
- श्री राजेन्द्र जैन – अध्यक्ष, जैन युवा मंडल, सायला (उपखण्ड: सायला)
- श्री मोहनलाल जैन – अध्यक्ष, व्यापार संघ, जसवन्तपुरा (उपखण्ड: जसवन्तपुरा)
- श्री दिलीप जैन – अध्यक्ष, पशु-पक्षी संघ, रानीवाड़ा (उपखण्ड: रानीवाड़ा)
- श्री बाबूलाल जैन – सचिव, जैन सेवा मंडल, सांचोर (उपखण्ड: सांचोर)
- श्री लक्ष्मीचंद गांधी – समाजसेवी, जैन सेवा मंच, चितलवाना (उपखण्ड: चितलवाना)
- श्री लालचंद जैन – समाजसेवी, प्रसिद्ध व्यापारी, आहोर (उपखण्ड: आहोर)
समिति का कार्य और कार्यप्रणाली: यह संकलित समिति (अति. जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित) जालोर जिले में जैन संतों/श्रमणों के रूट, चातुर्मास, विहार के दौरान ठहरने व प्रवचनों आदि के लिए भूमि आवंटन, भवन व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित मामलों, अन्य विषयों व समस्याओं पर चर्चा करेगी। जिला स्तर पर निस्तारित होने वाली समस्याओं को समिति अध्यक्ष से अनुमोदित बैठक कार्यवाही विवरण के माध्यम से जिला कलेक्टर से चर्चा कर जिला स्तर पर ही सुलझाया जाएगा। शेष गंभीर या राज्य स्तरीय मामलों को जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य स्तर के संबंधित विभागों (जैसे- राजस्व, पुलिस आदि) को भेजा जाएगा और प्रशासन द्वारा इसकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी।







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