यू आर गर्ल्स कॉलेज और द गुरुकुलम स्कूल में अद्भुत नज़ारा; स्वचालित हॉस्पिटल से लेकर हाइड्रोलिक पुल तक, बच्चों की प्रतिभा ने किया हैरान
रानीवाड़ा | यह कहानी केवल विज्ञान मेले की नहीं, बल्कि संस्कार, शक्ति और सफलता के उस अद्भुत संगम की है, जिसे जालोर जिले के रानीवाड़ा उपखंड के आजोदर गाँव स्थित यू आर गर्ल्स कॉलेज एवं द गुरुकुलम स्कूल के नन्हे वैज्ञानिकों ने साकार किया। 27 सितंबर 2025 को आयोजित इस विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। नन्हे वैज्ञानिकों ने जहां विज्ञान मेले में अपनी प्रतिभा दिखाई, वहीं नवरात्रि के पावन पर्व पर रोजाना होने वाली महाआरती और कन्या पूजन की परंपरा ने मन को प्रफुल्लित कर दिया।
विज्ञान से आसान हुई 'विशेष आवश्यकता': विज्ञान मेले में 20 से अधिक विज्ञान मॉडल प्रदर्शित किए गए। इन नन्हे वैज्ञानिकों ने अपने मॉडलों के माध्यम से यह संदेश दिया कि वर्तमान की विशेष आवश्यकता को विज्ञान के सहारे कैसे सरल और सुगम बनाया जा सकता है। उनकी कल्पना और सटीकता देखते ही बनती थी।
प्रदर्शनी का शुभारंभ रानीवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार और ग्राम सेवा सहकारी समिति के चेयरमैन गुमान सिंह राव और संस्था निदेशक ऋतुराज सिंह ने फीता काटकर किया। जूरी के रूप में आमंत्रित वरिष्ठ पत्रकार राव ने बच्चों के जोरदार प्रजेंटेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके छोटे-छोटे प्रयास ही देश को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायक होंगे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जब हम किताबों में पढ़ी गई चीज़ों को प्रायोगिक रूप से करते हैं, तो वह जीवनभर याद रहता है।

शानदार मॉडल, बेहतरीन प्रस्तुति
विज्ञान मेले में छात्रों ने जिस आत्मविश्वास और अंग्रेजी भाषा में अपने मॉडलों की जानकारी साझा की, वह अत्यधिक प्रभावशाली रहा। कई मॉडल, जिनमें ज्वालामुखी (Volcano), अंतरिक्ष (Space), आरओ मशीन, पृथ्वी का संचालन शामिल थे, ने जूरी को हैरान कर दिया।

प्रतियोगिता के परिणाम:
- प्रथम स्थान: विमल, हंस, कँवर, सानिया ग्रुप ने जीता, जिन्होंने 'स्वचालित हॉस्पिटल व्यवस्था' दर्शाई। उनका मॉडल बताता है कि आपात स्थिति में स्वचालित व्यवस्था के माध्यम से जनहानि को कैसे रोका जा सकता है।
- द्वितीय स्थान: आवेश, आयुष, रविंदर ग्रुप ने 'हाइड्रोलिक तकनीक की सहायता से महानदियों पर पुल' बनाकर दिखाया, जिससे बड़े जहाज आसानी से आवागमन कर सकें।
- तृतीय स्थान: दीक्षित, विक्रम चौधरी, गजेंद्र ग्रुप ने चंद्रयान के अलग-अलग प्रारूप और भारत की तकनीकी उपलब्धि को दर्शाया, जो देश की उत्तरोत्तर वृद्धि को दिखाता है।

निर्णायक के रूप में मुख्य अतिथि गुमान सिंह राव, प्राध्यापक कांतिलाल एवं प्राध्यापक नीतीश कुमार रहे। विज्ञान मॉडल गाइड अध्यापिका भावना पुरोहित, पायल एवं शीतल के दिशा-निर्देशन में तैयार किए गए।

नवरात्रि में 'सनातनी संस्कार' की अलख
इस स्कूल का सबसे खास और अभूतपूर्व पहलू यहां के सनातनी संस्कार की परंपरा रही। आपने शायद ही कभी सुना होगा कि नवरात्रि के दौरान स्कूल में रोजाना महाआरती, कन्या पूजन और देवी स्तुति का कार्यक्रम हो रहा हो। सर्कल न्यूज़ नेटवर्क भी इस महाआरती कार्यक्रम में शरीक होकर मन प्रफुल्लित और भाव-विभोर हो गया।

कार्यक्रम के अंत में, मुख्य अतिथि गुमान सिंह राव सहित सभी शिक्षकों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने मां दुर्गा के समक्ष महाआरती कर विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
सम्मान और शक्ति की उपासना
संस्था निदेशक ऋतुराज सिंह ने कन्या पूजन के महत्व पर ज़ोर देते हुए एक प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा, "नवरात्रि के 9 दिन शक्ति और भक्ति की उपासना के हैं। जब तक हम अपने मन, वचन और कर्म में महिलाओं के सम्मान को शामिल नहीं करेंगे, तब तक देश में उनके साथ हो रहे उत्पीड़न को समाप्त नहीं किया जा सकता।" उन्होंने अपील की कि बच्चे अपने प्रारंभिक समय से ही महिलाओं का सम्मान करना सीखें।
इस अवसर पर हुकम सिंह देवल, भावना सिसोदिया, कांतिलाल परमार, हवन कँवर, कानू चौधरी, रक्षा, खुशी, शिवानी प्रजापत, राहुल, नितेश कुमार ने भी उपस्थित होकर कन्या पूजन किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन विद्यालय व्यवस्थापक अरविंद कुमार प्रजापत एवं राजू कुमार ने किया। अंत में, विद्यार्थियों ने सामूहिक गरबा नृत्य का आयोजन किया।
(स्रोत: सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां