सांचौर से भीनमाल तक दिखा शक्ति प्रदर्शन; पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई की मौजूदगी में रमीला ने भरी हुंकार, कहा- "कार्यकर्ता ही मेरी ताकत"
(टीकम पाल) जालोर/सांचौर। Circle News Network
जालोर जिले की राजनीति में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। कांग्रेस पार्टी ने जिले में एक बड़ा दांव खेलते हुए पहली बार संगठन की कमान 'आधी आबादी' यानी एक महिला के हाथों में सौंपी है। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष रमीला मेघवाल जब अपने पहले दौरे पर निकलीं, तो सड़क से लेकर कांग्रेस कार्यालय तक जश्न का माहौल नजर आया। एक दलित महिला को जिला अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने न केवल सामाजिक समीकरण साधे हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार भी किया है।

सांचौर में शक्ति प्रदर्शन: मठ में माथा टेका, कार्यालय में गूंजे नारे रमीला मेघवाल के दौरे की शुरुआत आस्था और आशीर्वाद के साथ हुई। उन्होंने सांचौर स्थित शिवनाथ मठ पहुंचकर श्री गणेशनाथ जी महाराज से आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं, जहां पूर्व वन मंत्री सुखराम विश्नोई के नेतृत्व में उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। ढोल-नगाड़ों की थाप और आतिशबाजी के बीच रमीला मेघवाल का अभिनंदन किया गया। इस दौरान पूर्व मंत्री विश्नोई ने कहा कि रमीला मेघवाल की नियुक्ति से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूती मिलेगी।
भावुक पल: जब 'बेटी' बनकर लौटीं अध्यक्ष सांचौर के बाद काफिला सरनाऊ पहुंचा, जहां वरिष्ठ नेता प्रवीण विश्नोई ने माला पहनाकर स्वागत किया। लेकिन सबसे भावुक पल तब आया जब रमीला अपने गृह ग्राम कुडा पहुंचीं। यहां राजनीति से परे, एक बेटी के रूप में उनका स्वागत हुआ। गांव में ढोल-बाजे के साथ परिवार और ग्रामवासियों ने अपनी लाडली का तिलक लगाकर मुंह मीठा करवाया।

रानीवाड़ा और भीनमाल में दिखा उत्साह शाम होते-होते काफिला रानीवाड़ा पहुंचा, जहां ब्लॉक अध्यक्ष वरदा राम माली के नेतृत्व में विधायक कार्यालय पर स्वागत सभा हुई। देर शाम भीनमाल में मेघवाल समाज छात्रावास और शहर के विभिन्न चौराहों पर रमीला का साफा और माला पहनाकर नागरिक अभिनंदन किया गया।
🎙️ रमीला मेघवाल का संबोधन: "यह पद नहीं, जिम्मेदारी है" अपने स्वागत से अभिभूत रमीला मेघवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एक जोश भरा भाषण दिया। उन्होंने कहा:
"कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने जालोर जिले की कमान एक साधारण कार्यकर्ता और एक दलित बेटी को सौंपकर यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस ही सर्वसमाज की पार्टी है। यह पद मेरा नहीं, बल्कि यहाँ बैठे हर उस कार्यकर्ता का है जिसने पार्टी के लिए पसीना बहाया है। मेरा लक्ष्य किसी गुट को नहीं, बल्कि कांग्रेस के तिरंगे को ऊंचा करना है। हम महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों को साथ लेकर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे।"

विश्लेषण: 'दलित महिला कार्ड' और कांग्रेस की रणनीति जालोर जिला, जो अक्सर जातीय समीकरणों की प्रयोगशाला रहा है, वहां पहली बार किसी दलित महिला को जिला अध्यक्ष बनाना कांग्रेस का बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक' माना जा रहा है। रमीला मेघवाल की ताजपोशी से पार्टी ने एक साथ तीन संदेश दिए हैं:
- नारी शक्ति का सम्मान: संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
- दलित वोट बैंक: परंपरागत वोट बैंक को और मजबूती से जोड़ना।
- जमीनी पकड़: एक ऐसे चेहरे को लाना जो कार्यकर्ताओं के बीच से निकला हो।
फिलहाल, इस नियुक्ति और भव्य स्वागत ने जालोर कांग्रेस में जमी धूल को साफ कर दिया है और कार्यकर्ताओं में 2028 की चुनौतियों से निपटने का नया जोश भर दिया है।







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