राज्य में नशे के सौदागरों पर अनुवरत कहर बरपाने का सिलसिला जारी है। एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने उड़ीसा, झारखंड, मध्य प्रदेश और उड़ीसा-तेलंगाना के तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए एक बेहद शातिराना अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। ANTF की टीम ने सवाई माधोपुर जिले के रंजीतनी डूंगर थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नाकाबंदी कर एक मॉडिफाइड एक्सयूवी कार से 47.288 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे की कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है। मौके से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया गया है।
ANTF के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार (IPS) ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के महत्वपूर्ण मार्गदर्शन व दिशा-निर्देशन में अंजाम दी गई है। महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पिछले 6-7 सालों से पुलिस को चकमा देकर बड़े स्तर पर गांजे की सप्लाई कर रहे थे, लेकिन ANTF की सटीक रणनीति के आगे उनकी चालाकी धरी की धरी रह गई।
मोबाइल रिचार्ज की दुकान में घाटा हुआ तो बन गया बड़ा तस्कर
पकड़े गए मुख्य आरोपी मुकुट बिहारी (36) पुत्र बाबूलाल, जाति जांगिड़ (खाती), निवासी फरिया, थाना खंडार, जिला सवाई माधोपुर की क्राइम हिस्ट्री किसी फिल्म से कम नहीं है। मुकुट बिहारी कक्षा 10वीं तक पढ़ा-लिखा है। पढ़ाई छोड़ने के बाद उसने कुछ दिनों तक ड्राइवरी की। साल 2014 में उसने मोबाइल रिचार्ज की एक दुकान खोली। दुकान में मनमाफिक मुनाफा नहीं हुआ, तो उसने कमाई का शॉर्टकट अपनाया। वह मोबाइल रिचार्ज कराने आने वाले ग्राहकों को चुपके से गांजे की पुड़िया बेचने लगा। धीरे-धीरे उसका लालच बढ़ा और वह बड़े स्तर पर गांजे का धंधा करने लगा।
साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उसकी पहचान उड़ीसा के एक बड़े गांजा तस्कर से हुई। शुरुआत में मुकुट बिहारी मोटरसाइकिल, बस और ट्रेन के माध्यम से उड़ीसा से सस्ते दामों में गांजा लाता और श्योपुर व मानपुर (मध्य प्रदेश) सहित अपने गांव के आसपास के इलाकों में ऊंचे मुनाफे में सप्लाई करता था। कमाई बढ़ने पर उसने एक एक्सयूवी कार खरीदी और हर दो महीने में उड़ीसा का एक चक्कर लगाने लगा।
₹5,000 में खरीदकर ₹20,000 में बेचता था, प्रतिदिन ₹32,000 का मुनाफा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मुकुट बिहारी उड़ीसा से महज 4,000 से 5,000 रुपये प्रति किलो के भाव से गांजा खरीदता था। इसे वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में लाकर 15,000 से 20,000 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचता था। वह बाजार में प्रतिदिन करीब 2 किलो गांजा खपा देता था, जिससे उसे रोज 30,000 से 32,000 रुपये का शुद्ध मुनाफा होता था। इस काले कारोबार में उसने अपने ही गांव के हनुमान (30) पुत्र रामकिशन, जाति मीणा, निवासी फरिया को भी शामिल कर लिया। हनुमान को इस तस्करी में प्रति चक्कर 20,000 रुपये मिलते थे।
दो महीने की निगरानी और एक्सप्रेसवे पर ‘चूहे-बिल्ली’ का खेल
तस्करों को दबोचने की पटकथा बेहद दिलचस्प है। ANTF को खुफिया सूचना मिली थी कि फरिया गांव का मुकुट बिहारी यूपी नंबर की कार से उड़ीसा से गांजा लाकर तस्करी कर रहा है। ANTF की टीम ने पिछले दो महीनों से मुकुट बिहारी पर गुप्त रूप से पैनी नजर रखी हुई थी। टीम को सटीक इनपुट मिला कि आरोपी इस बार उड़ीसा से गांजा भरकर रायपुर, ललितपुर, झांसी, शिवपुरी होते हुए राजस्थान में प्रवेश करेगा।
इस सूचना पर ANTF की टीम तस्करों की गाड़ी का नंबर ट्रेस कर ललितपुर (उत्तर प्रदेश) पहुंच गई और घात लगाकर बैठ गई। जैसे ही तस्करों की कार ललितपुर आई, टीम उनके पीछे लग गई। तस्कर ललितपुर, झांसी, शिवपुरी होते हुए शाहबाद (बारां) के रास्ते राजस्थान में दाखिल हुए और अंता से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए। इस दौरान हाईवे पर ANTF टीम और तस्करों के बीच कई किलोमीटर तक चूहे-बिल्ली का खेल चलता रहा। अंततः ANTF की टीम ने एक्सप्रेसवे पर कुस्तला कट के पास तस्करों को घेरकर उनकी कार को रुकवा लिया। गाड़ी रुकते ही कार में बैठे दोनों आरोपी घबरा गए। टीम ने दोनों को डिटेन कर स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया।
पुलिस को चकमा देने के लिए लाइटों के पास बनाए थे खुफिया बॉक्स
जब ANTF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने गाड़ी की तलाशी ली, तो पहली नजर में कुछ नहीं मिला। लेकिन जब बारीकी से जांच की गई, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए कार की डिग्गी के दोनों तरफ, जहां बैक लाइट्स होती हैं, वहां मॉडिफाइड लोहे के खुफिया बॉक्स बनवा रखे थे। इन्हीं बॉक्स के अंदर 47.288 किलोग्राम गांजा छिपाकर रखा गया था। स्थानीय पुलिस ने अवैध गांजा और एक्सयूवी गाड़ी (नंबर UP 16 AN 6023) को जब्त कर आरोपी मुकुट बिहारी और हनुमान को गिरफ्तार कर लिया। शातिर तस्कर पिछले 6-7 साल से यह काम कर रहे थे, लेकिन पुलिस की गिरफ्त में पहली बार आए हैं।
जांबाज टीम को मिलेगी शाबाशी, आईजीपी ने की गुप्त सूचना देने की अपील
महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार (IPS) ने बताया कि इस पूरी बड़ी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में ANTF की टीम और सवाई माधोपुर के रंजीतनी डूंगर थाने की पुलिस की विशेष और सराहनीय भूमिका रही है। इस शानदार कामयाबी के लिए कार्रवाई में शामिल सभी पुलिस टीमों को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ANTF मुख्यालय में सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
साथ ही, महानिरीक्षक विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी के पास भी किसी अपराधी, नशा तस्कर या संदिग्ध गतिविधि से संबंधित कोई भी सूचना हो, तो वे बेझिझक ANTF के नियंत्रण कक्ष नंबर 0141-2502877 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और गोपनीयता का पूर्ण रूप से ख्याल रखा जाएगा।



