टैंकर में मौत का सामान, पीछे-पीछे जांबाज मुखबिर; करोड़ों की MD ड्रग बनने से पहले ही खाकी के कब्जे में
जयपुर/हैदराबाद। राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ छिड़ी जंग में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। डीजी दिनेश एमएन और आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में चलाए गए ‘ऑपरेशन विशवाहिनी’ ने ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। टीम ने राजस्थान से 1500 किलोमीटर दूर हैदराबाद में चल रही एक अवैध ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर भारी मात्रा में कच्चा माल और तैयार नशा बरामद किया है।
जांबाज मुखबिर: टैंकर के पीछे 1500 KM का सफर
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे रोमांचक कड़ी एक मुखबिर की बहादुरी रही। सूत्रों के मुताबिक, हैदराबाद की फैक्ट्री से ड्रग्स और केमिकल लेकर निकले एक टैंकर का मुखबिर ने राजस्थान तक पीछा किया। वह साये की तरह टैंकर के पीछे लगा रहा और सटीक लोकेशन एएनटीएफ को देता रहा। मुखबिर की इसी जांबाजी के दम पर पुलिस ने बीच रास्ते में ‘मौत के इस टैंकर’ को दबोच लिया।
आंकड़ों में बड़ी कार्रवाई:
- बरामदगी: 6 ड्रमों में भरा 234 किलो घातक केमिकल।
- तैयारी: आरोपियों का लक्ष्य 60 किलो शुद्ध एमडी (MD) तैयार करना था।
- गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी दिनेश और कमलेश पुलिस की गिरफ्त में।
- कीमत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद सामान की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
गुजरात में ‘रेड’ जारी, मचेगा और हड़कंप
आईजी विकास कुमार ने बताया कि यह नेटवर्क केवल हैदराबाद तक सीमित नहीं है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद एएनटीएफ की टीमें गुजरात के कई शहरों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि गुजरात में हो रही इस छापेमारी में ड्रग्स के कुछ और बड़े गोदाम और रसूखदार नाम सामने आ सकते हैं।
“नशे के कारोबारियों के लिए राजस्थान में कोई जगह नहीं है। यह तो सिर्फ शुरुआत है, हम इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।”
— दिनेश एमएन, डीजी एएनटीएफ
