जयपुर। राजस्थान को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अपना विस्तार तेज कर दिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ) दिनेश एम.एन. ने गुरुवार को प्रदेश के 6 जिलों में नवसृजित ANTF चौकियों का वर्चुअली उद्घाटन किया। इन नई चौकियों के शुरू होने के साथ ही अब प्रदेश में ANTF की कुल चौकियों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन 6 नई चौकियों के साथ अब राजस्थान के प्रत्येक संभाग में ANTF की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित हो गई है। यह विस्तार न केवल नशे की तस्करी को रोकेगा, बल्कि अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में मील का पत्थर साबित होगा।

इन जिलों में खुली नई चौकियां: सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चयन
उद्घाटन के दौरान बताया गया कि चौकियों का चयन तस्करी के रूट और उत्पादन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया है:
- उत्पादन क्षेत्र: प्रतापगढ़ और झालावाड़ (नशे के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों पर लगाम कसने के लिए)।
- परिवहन मार्ग: भीलवाड़ा, पाली और नागौर (तस्करी के मुख्य रास्तों पर पहरा देने के लिए)।
- प्रवेश द्वार: भरतपुर (दूसरे राज्यों से राजस्थान में आने वाले मादक पदार्थों को बॉर्डर पर ही रोकने के लिए)।
संसाधनों से लैस हुई चौकियां: बाइक से लेकर तकनीकी उपकरण तक
ANTF की इन सभी 6 नई चौकियों को पूरी तरह से कार्यशील बना दिया गया है:
- सभी चौकियों को आधुनिक भवन, फर्नीचर और तकनीकी उपकरणों से लैस किया गया है।
- त्वरित कार्रवाई के लिए प्रत्येक चौकी को 2-2 मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं।
- महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, जल्द ही इन चौकियों को चौपहिया वाहन (4-wheelers) भी प्रदान किए जाएंगे।

सिर्फ 4 महीने में 105 से ज्यादा बड़ी कार्रवाइयां
दिनेश एम.एन. ने संबोधन में ANTF की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि गठन के मात्र 4 महीनों के भीतर टास्क फोर्स ने 105 से अधिक सफल ऑपरेशनों को अंजाम दिया है। सिंथेटिक नशे और एमडी की फैक्ट्रियों पर छापेमारी के साथ-साथ सालों से फरार चल रहे इनामी तस्करों को सलाखों के पीछे भेजकर ANTF ने तस्करी की दुनिया में खलबली मचा दी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जयपुर मुख्यालय पर उप महानिरीक्षक पुलिस राममूर्ति जोशी, उप महानिरीक्षक योगेश यादव और पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द यादव सहित एटीएस और एएनटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, नई चौकियों के प्रभारी और स्टाफ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस गौरवशाली क्षण का हिस्सा बने।
महानिरीक्षक विकास कुमार का संकल्प: “अब पूरे राज्य में ANTF आसूचना संकलन, धरपकड़ और नशामुक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। हमारा लक्ष्य नशे के नेटवर्क का समूल उन्मूलन करना है।”



