जयपुर/जोधपुर
एटीएस का ‘डबल प्रहार’: आईजी विकास कुमार के सुपरविजन में दो बडी कार्रवाई; वाट्सएप से लोकेशन लीक करने वाला इनामी और 50 किमी पीछा कर तस्कर दबोचे
खनन माफिया की ‘जासूसी’ करने वाला फैलीराम और 10 हजार के लालच में तस्कर बने साला-बहनोई गिरफ्तार
राजस्थान एटीएस और एएनटीएफ ने प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एडीजी) दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन और एटीएस महानिरीक्षक (आईजी) विकास कुमार के सीधे निर्देशन में पुलिस ने दो अलग-अलग बडी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पहली कार्रवाई में जयपुर पुलिस की नाक में दम करने वाला 25 हजार का इनामी बदमाश पकडा गया, वहीं दूसरी कार्रवाई में जोधपुर में फिल्मी स्टाइल में पीछा कर डोडा पोस्त तस्करों को दबोचा गया।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि इन ऑपरेशंस के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने सटीक सूचना पर जाल बिछाया।
पहली कार्रवाई: ‘हाईटेक’ खबरी बना 10वीं फेल खनन माफिया
एएनटीएफ और एटीएस की टीम ने जयपुर-दौसा हाईवे से 25 हजार के इनामी फैलीराम मीणा (35) को गिरफ्तार किया। उसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।
- वाट्सएप से पुलिस की जासूसी: 10वीं फेल फैलीराम अवैध खनन के धंधे में इतना शातिर हो गया कि उसने पुलिस और माइनिंग विभाग की लोकेशन लीक करने का जिम्मा उठा लिया। वह वाट्सएप ग्रुप्स के जरिए माफिया को पहले ही बता देता था कि रेड पडने वाली है।

- अमरूद के ट्रक में छिपकर आता था: पुलिस को चकमा देने के लिए वह सवाई माधोपुर से दिल्ली तक अमरूद के ट्रक में बैठकर सफर करता था। अपने गांव कानोता (जयपुर) आता तो सिर्फ कुछ घंटों के लिए रुकता और फरार हो जाता।
- हमले का भी आरोपी: उस पर माइनिंग टीम के साथ मारपीट और वाहन तोडफोड के भी मामले दर्ज हैं। 2024-25 में उस पर तीन मामले दर्ज होने के बाद वह फरार चल रहा था।
दूसरी कार्रवाई: 50 किमी पीछा, टक्कर मारने की कोशिश और साला-बहनोई अरेस्ट
जोधपुर में एएनटीएफ ने एक ब्रेजा कार से एक क्विंटल डोडा पोस्त बरामद कर तीन तस्करों को पकडा। यह कार्रवाई बेहद जोखिम भरी रही।
- कच्चे रास्तों से भाग रहे थे: तस्करों ने टोल नाकों से बचने के लिए कच्चे रास्तों का सहारा लिया। टीम ने ठंड भरी रातों में सडकों पर इंतजार किया।
- फिल्मी चेज़: एएनटीएफ की टीम ने करीब 50 किलोमीटर तक तस्करों की गाडी का पीछा किया। इस दौरान तस्करों ने पुलिस जीप को टक्कर मारने की भी कोशिश की, लेकिन अंतत: होटल पर घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया गया।
- प्लानिंग बदली: शक से बचने के लिए तस्करों ने न तो काले शीशे लगाए और न ही गाडी में ज्यादा माल भरा। वे कम मात्रा (1 क्विंटल) में डोडा पोस्त ला रहे थे और कट्टों पर काला कपडा डाल रखा था।
चंद रुपयों के लिए अपराध की दलदल में
पकडे गए तस्करों में कपिल और धर्मपाल रिश्ते में साला-बहनोई हैं।
- लालच: कपिल गांव में ट्रैक्टर चलाता था। उसे एक खेप पार कराने के 10 हजार रुपए और उसके बहनोई धर्मपाल को साथ रहने के 5 हजार रुपए मिलने थे। गरीबी और लालच ने उन्हें तस्कर बना दिया।
- गिरफ्तार आरोपी: कपिल (22) और धर्मपाल (24) दोनों रतलाम (एमपी) के रहने वाले हैं।
टीम को मिलेगी शाबाशी
आईजी विकास कुमार ने बताया कि जान जोखिम में डालकर इन ऑपरेशंस को अंजाम देने वाली जयपुर और जोधपुर की टीमों को मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।
आमजन से अपील
आईजी विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अपराधी या अवैध गतिविधि की सूचना एएनटीएफ कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या वाट्सएप नंबर 9001999070 पर दें। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।



