सिरोही, (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)।
पावापुरी तीर्थ जीव मैत्रीधाम में दिपावली के पर्व पर भगवान महावीर स्वामी का ’’ निर्वाण महोत्सव ’’ धूमधाम से मनाया गया। महावीर स्वामी चौमुखा जल मंदिर में संगीतकार ओमप्रकाश ने भगवान के निर्वाण पर ‘गुरू गौतम ध्यान धरे-महावीर को याद करें’ भक्ति गीत सुनाकर भक्तो को भाव विभोर कर दिया। निर्वाण महोत्सव पर पावापुरी तीर्थ को भव्य रूप से सजाया गया और दीपक की रोशनी एवं रंगोली की गई, जिसे देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। रात्रि में महाआरती एवं मंगल दीपक का लाभ के पी संघवी परिवार ने लिया और मोदक लड्डू चढ़ाया गया।
बुधवार को नूतन वर्ष के उपलक्ष में यात्रिकगण गाजते बाजते जिनालय पहुंचे और वहां पर ‘पुजारी आडो खोल दर्शन करवा दे’ के भक्ति गीत गाते हुए जिनालय का द्वार तपस्वीरत्न श्रीमती रतन बेन बाबुलाल जी संघवी एवं किशोर एच. संघवी के कर कमलों से खोल कर सभी ने परमात्मा के दर्शन किए और काजा निकालने के बाद परमात्मा की वाक्षेप पूजा की। जल मंदिर का द्वार उद्घाटन कीर्ति भाई एवं सुधा बेन संघवी ने किया। वहां से उपासरे में पहुंचने पर विधिकारक विरल भाई शाह ने भक्ताम्बर एवं गौतम ‘रास’ का श्रवण कराते हुए परमात्मा महावीर स्वामी एवं उनके गणधर गौतम स्वामी के केवल ज्ञान की सम्पूर्ण जानकारी दी।

नववर्ष के शुम्भारंभ पर सभी यात्रियों ने एक दूसरे को ’’ जय केसरिया नाम की ’’ के जयकारे के साथ शुभकामनाएं दी।
नववर्ष के अवसर पर मण्डार के श्रेष्ठीवर्य रमेश कुमार खुमचंद जी शाह परिवार ने गौपूजन का लाभ लिया और गौपूजन किया। के पी संघवी परिवार की पुत्रवधु श्रीमती सोनल बेन नितिन भाई संघवी ने 5293 गौवंश को आधा-आधा किलों गुड़ खिलाकर उनका मुह मीठा कराने का लाभ लिया। ट्रस्ट की ओर से दोनों लाभार्थियों का बहुमान किया गया और गौशाला के गौपालकों ने सभी को राम-राम कह कर स्वागत करते हुए मंगलम्य जीवन की शुभकामनाएं दी और ढोल ढमाकों के साथ नृत्य किया एवं समुह फोटो खीचवाया।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिपावली के पावन पर्व पर तीर्थ निर्माता के पी संघवी परिवार के सभी सदस्यों ने उपस्थित रहकर यात्रियों के साथ भक्ति भावना एवं दर्शन-पूजन का लाभ लिया। नव वर्ष पर भगवान शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिनालय में पक्षात का लाभ अहमदाबाद के प्रभावती बेन शांतिलाल जी शाह परिवार ने लिया। दिपावली से ज्ञान पंचमी तक यात्रियों का इस तीर्थ पर बड़ी संख्या में आवागमन रहता है, इसलिए सम्पूर्ण तीर्थ परिसर को रोशनी से सजाया गया है।



