विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने संयुक्त निदेशक को लिखा पत्र, काउंसलिंग प्रक्रिया में शाला दर्पण पोर्टल पर सभी रिक्त पद प्रदर्शित कर तुरंत नियुक्तियां देने की रखी मांग
बाड़मेर/शिव। सीमावर्ती और रेगिस्तानी क्षेत्र शिव विधानसभा क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में लंबे समय से चल रहा शिक्षकों का टोटा अब विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ने लगा है। क्षेत्र के सैकड़ों सरकारी स्कूलों में तालाबंदी और पढ़ाई ठप होने जैसी नौबत के बीच अब जनप्रतनिधि भी मुखर होने लगे हैं। शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने क्षेत्र की इस सबसे बड़ी पीड़ा को लेकर सीधे स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक, जोधपुर संभाग को पत्र भेजकर कड़ा रुख अपनाया है। भाटी ने पत्र में साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सीमावर्ती क्षेत्र के बच्चों को समय पर शिक्षक नहीं मिले तो यहां की पूरी शैक्षणिक व्यवस्था ढह जाएगी। इसके लिए उन्होंने विभाग से तत्काल प्रभाव से प्रभावी कदम उठाने और रिक्त पदों को भरने की पुरजोर मांग की है।
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि वर्तमान में शिव विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापकों के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं, जिससे सुदूर ग्रामीण अंचलों में ढाणियों से आने वाले गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। उन्होंने उपलब्ध विभागीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान में प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापकों के 160 पद रिक्त हैं, वहीं दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के 658 पद खाली चल रहे हैं। इस प्रकार कुल 818 वरिष्ठ अध्यापकों के पद रिक्त होने से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। सत्र शुरू होने के बाद भी शिक्षक नहीं होने से ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
भाटी ने पत्र में तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों की ओर विभाग का ध्यान आकर्षित करते हुए उल्लेख किया कि वर्तमान में शिक्षा विभाग द्वारा वरिष्ठ अध्यापकों की काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जो कि इन खाली पदों को भरने का सबसे सटीक और अंतिम अवसर है। ऐसे में यदि शिव विधानसभा क्षेत्र के इन सभी प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 818 रिक्त पदों को शाला दर्पण पोर्टल पर प्रदर्शित यानी ओपन नहीं किया गया, तो आगामी काउंसलिंग में शिक्षक इन स्कूलों का विकल्प नहीं चुन पाएंगे। पोर्टल पर पद लॉक रहने से शिव क्षेत्र में नियुक्तियां होना असंभव हो जाएगा, जिसका सीधा और गंभीर प्रतिकूल प्रभाव क्षेत्र की समूची शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ेगा और प्रतिभावान छात्र पिछड़ जाएंगे।
रविन्द्र सिंह भाटी ने जनहित, छात्रहित और रेगिस्तानी क्षेत्र के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक से पुरजोर मांग की है कि बिना किसी विभागीय औपचारिकता या देरी के, शिव विधानसभा क्षेत्र के प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी 818 रिक्त वरिष्ठ अध्यापक पदों को वर्तमान में चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान ही शाला दर्पण पोर्टल पर तत्काल प्रदर्शित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने योग्य और चयनित वरिष्ठ अध्यापकों की इन रिक्त स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने का आग्रह किया है, ताकि समय रहते स्कूलों को शिक्षक मिल सकें और पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके।



