जालौर। पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ‘ऑपरेशन टपूकड़ा 5.0’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने जाखड़ी (झाब) निवासी 20 हजार रुपये के इनामी और 1 साल से फरार चल रहे शातिर ड्रग तस्कर हनुमानराम (36) पुत्र भाखराराम बिश्नोई को बागोड़ा से दबोच लिया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
डिग्री हाथ में आई तो नहीं मिली नौकरी, लालच में चुना तस्करी का रास्ता हनुमानराम ने बीए और बीएसटीसी करने के बाद सरकारी नौकरी की उम्मीद में 2 साल तक जोधपुर में रहकर तैयारी की। जब नौकरी नहीं लगी, तो बेरोजगारी से तंग आकर उसने टेंट हाउस और वाटर प्लांट का काम शुरू किया। इस धंधे से अच्छी कमाई नहीं होने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया। इसी दौरान वह बाड़मेर के एक तस्कर के संपर्क में आया, जिसने उसे कम समय में मोटी कमाई का लालच दिया।
लालच में आकर हनुमानराम ने अपने टेंट हाउस की आड़ में डोडा-पोस्त और अफीम की सप्लाई शुरू कर दी। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से जब तगड़ा मुनाफा होने लगा, तो उसने एक पिकअप गाड़ी खरीद ली और सीधे मध्य प्रदेश से अवैध डोडा-पोस्त व अफीम लाकर अपने गांव और आसपास के इलाकों में खपाने लगा।
2023 से फरार, मोबाइल छोड़ा पर नहीं छोड़ी तस्करी साल 2023 में बागोड़ा पुलिस ने हनुमानराम द्वारा भिजवाई गई ड्रग्स की खेप के साथ उसके एक गुर्गे को गिरफ्तार किया था। इस मामले में नाम सामने आते ही आरोपी फरार हो गया। पुलिस से बचने के लिए उसने मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दिया और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली। जब भी उसे किसी से बात करनी होती, वह राहगीरों या दूसरों के मोबाइल का इस्तेमाल करता था।
फरारी के दौरान वह जैसलमेर, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में छिपकर रहा, लेकिन उसने तस्करी का धंधा बंद नहीं किया। फरार रहते हुए भी उसके खिलाफ साल 2023 में भीनमाल, 2024 में करड़ा व चितलवाना और 2025 में फिर भीनमाल थाने में एनडीपीएस के नए मामले दर्ज हुए।
बालाजी मंदिर में टेक कर मत्था, बाजार में फर्जी नंबर प्लेट बनवाते पकड़ाया आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ की टीम लंबे समय से इस इनामी बदमाश के ठिकानों पर नजर रखे हुए थी। इसी बीच इनपुट मिला कि आरोपी हर साल अपने परिवार के साथ कानीवाड़ा बालाजी मंदिर में प्रसादी का कार्यक्रम करता है और इस बार मंगलवार को वह वहां आने वाला है।
सूचना पर एएनटीएफ की टीम फौरन बालाजी मंदिर पहुंची, लेकिन आरोपी कुछ समय पहले ही परिवार के साथ प्रसादी लगाकर वहां से निकल चुका था। टीम ने बिना वक्त गंवाए पीछा शुरू किया और जालौर, सायला होते हुए बागोड़ा बाजार पहुंची। बाजार में आरोपी की गाड़ी खड़ी मिल गई, जिसमें कुछ लोग बैठे थे लेकिन ड्राइवर सीट खाली थी। टीम ने जब आसपास तलाश की, तो हनुमानराम एक नंबर प्लेट की दुकान पर अपनी गाड़ी के लिए फर्जी नंबर प्लेट बनवाते हुए रंगे हाथों दिख गया। टीम ने तुरंत घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
मुस्तैद टीम को मिलेगा इनाम इस पूरी कार्रवाई में एएनटीएफ की प्रथम और द्वितीय टीमों की विशेष भूमिका रही। आईजी विकास कुमार ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पूरी टीम को एएनटीएफ मुख्यालय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।



