रानीवाड़ा (जालोर)। राजस्थान पेंशनर समाज, जिला शाखा जालोर के निर्देशानुसार आज उपशाखा रानीवाड़ा द्वारा 'राष्ट्रीय पेंशनर दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। श्री श्रीयादेवी मंदिर परिसर में आयोजित यह समारोह भारतीय पेंशनर्स के मसीहा माने जाने वाले स्वर्गीय डी.एस. नकारा की स्मृति को समर्पित रहा।
75 वर्ष के 'अनुभव' का हुआ शॉल-माला से सम्मान
समारोह का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह था, जब तहसील के उन 50 वरिष्ठ पेंशनर्स को मंच पर सम्मानित किया गया जिनकी आयु 75 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है। इन 'अनुभव के स्तंभों' का शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुल 150 पेंशनर्स की गरिमामय उपस्थिति रही।

प्रशासनिक और तकनीकी मार्गदर्शन
समारोह की अध्यक्षता रानीवाड़ा विकास अधिकारी (BDO) श्रीमती हेमलता विश्नोई ने की। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे:
- लेखा संबंधी समाधान: जालोर ट्रेजरी के लेखाकार महेंद्रकुमार विरास ने पेंशनर्स को लेखा नियमों की बारीकियां समझाईं और उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर मौके पर ही शंका समाधान किया।
- स्वस्थ जीवन का मंत्र: वार्ताकार शैतानसिंह राव ने बढ़ती उम्र में योग, व्यायाम और प्राणायाम के महत्व को बताते हुए स्वस्थ रहने के गुर सिखाए।
इन्होंने भी किया संबोधित
कार्यक्रम के दौरान छैलसिंह देवड़ा, जोगाराम सुथार, अध्यक्ष पुखराज जीनगर, तेजाराम पुरोहित और सूरजमल सैन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पेंशनर्स के हितों और समाज में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

भामाशाहों का आभार
समारोह को सफल बनाने में अपना आर्थिक और सेवाभावी सहयोग देने वाले भामाशाहों—शंकरलाल पुरोहित, कृष्णकुमार पुरोहित, मांगीलाल जीनगर, केशाराम प्रजापत, सूरजमल सैन, सूरतसिंह राठौड़, अशोक कुमार अग्रवाल, लक्ष्मीकांत गुप्ता और जोइताराम चौधरी का विशेष आभार व्यक्त किया गया।
सफल संचालन और आभार प्रदर्शन
पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन मफाराम प्रजापत ने किया। अंत में राजस्थान पेंशनर समाज रानीवाड़ा उपशाखा के अध्यक्ष पुखराज जीनगर ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी पेंशनर्स और अतिथियों का तहेदिल से आभार जताया।







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