भामाशाह, शिक्षाविद् और प्रेरक शिक्षा की त्रिवेणी, सुलभ, आधुनिक और समावेशी शिक्षा के लिए राज्य सरकार ने उठाए जरूरी कदम
जयपुर, 28 जून
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में मूल्य, नैतिकता और संस्कारों का समावेश कर आदर्श नागरिक तैयार करना है। शिक्षा के क्षेत्र में भामाशाहों, शिक्षाविदों और प्रेरकों की त्रिवेणी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे समाज के अन्य लोग भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रेरित होंगे।

माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला सभागार में आयोजित 29वें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेवाड़ की रक्षा के लिए अपनी सम्पत्ति महाराणा प्रताप को समर्पित करने वाले भामाशाह का नाम गर्व और सम्मान का प्रतीक है। आज भी समाज के लिए भामाशाह आगे बढ़कर योगदान दे रहे हैं।
शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम
- प्रदेश के लगभग 14 हजार सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित
- 13 हजार सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम शुरू
- 402 पीएम श्री विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं प्रारंभ
- स्वामी विवेकानंद विद्यालयों में पहली बार प्राथमिक कक्षाएं शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने बच्चों को डिजिटल, सुलभ और समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए यह बड़े कदम उठाए हैं।

बालिकाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन
- 2 लाख 27 हजार बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।
- यह राशि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को पंख देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
पिछली सरकार की तुलना में शिक्षा में अधिक कार्य
- साढ़े दस लाख साइकिलें वितरित, जबकि पिछली सरकार ने 5 वर्षों में 10 लाख 36 हजार साइकिलें बांटी थीं।
- तीन लाख से अधिक लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया, जबकि पिछली सरकार ने 5 वर्षों में 2 लाख 35 हजार प्रशिक्षित किए।
- छात्रा स्कूटी योजना में करीब 30 हजार स्कूटी वितरित की गईं।
- 88 हजार से अधिक विद्यार्थियों को टैबलेट-लैपटॉप वितरण किया गया।
भामाशाहों का शिक्षा क्षेत्र में योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भामाशाह विद्यालयों के निर्माण, पुनर्निर्माण और आधुनिक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे केवल इमारतें नहीं बना रहे, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं। भामाशाह समाज, क्षेत्र और राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित हैं।
महिला, युवा, मजदूर और किसान उत्थान
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीविका योजना सक्रिय।
- 24 जून से 9 जुलाई तक पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा आयोजित।
- 5 हजार गांवों को गरीबीमुक्त करने का कार्य प्रगति पर।
- पेपरलीक की घटनाओं से मुक्त प्रदेश, युवाओं को एक साल में 1 लाख और पांच साल में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य।
- आरपीएससी और कर्मचारी चयन बोर्ड ने एक वर्ष का भर्ती कैलेंडर जारी किया।
विकास कार्यों का तेजी से क्रियान्वयन
- इंदिरा गांधी नहर व गंगनहर के लिए 4 हजार करोड़ रुपये से मरम्मत कार्य।
- पूर्वी राजस्थान के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना।
- शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता।
- उदयपुर के लिए देवास परियोजना।
- ऊर्जा क्षेत्र में सर्वाधिक एमओयू, वर्ष 2027 तक बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भरता।
सम्मानित भामाशाहों को पुरस्कार
- 35 भामाशाहों को 1 करोड़ रुपये से अधिक सहयोग के लिए शिक्षा विभूषण सम्मान।
- 100 भामाशाहों को 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक सहयोग के लिए शिक्षा भूषण सम्मान।
- मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में प्रवासी राजस्थानी शिक्षा सम्मेलन आयोजित करने वाले 15 प्रवासी भामाशाहों को प्रशस्ति पत्र।
अन्य महत्वपूर्ण बातें
- मुख्यमंत्री ने आरटीई के तहत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की फीस पुनर्भरण और ट्रांसपोर्ट वाउचर के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की।
- कक्षा 1 से 5 तक और संस्कृत शिक्षा की कक्षा 1 से 8 तक की नवीन पुस्तकों का विमोचन।
- शिविरा ई-बुलेटिन और भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का विमोचन।
समारोह में उपस्थित अधिकारी
- जिला प्रमुख रमा चोपड़ा
- शासन सचिव स्कूल शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल
- राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान अनुपमा जोरवाल
- प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट
- आयुक्त मिड-डे मील विश्व मोहन शर्मा
- सम्मानित भामाशाह, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी
राजस्थान सरकार की शिक्षा नीति और भामाशाहों के योगदान से प्रदेश के बच्चों को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे उनकी प्रतिभा और सपनों को नई उड़ान मिल रही है।







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