जयपुर/उदयपुर। राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अपने गठन के महज चार महीनों में ही सफलता की सिल्वर जुबली पूरी कर ली है। एडीजी दिनेश एमएन के मार्गदशन और आईजी विकास कुमार के निर्देशन में टीम ने 25वीं बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के टॉप-25 कुख्यात तस्करों में शामिल कंवरलाल गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। 25 हजार के इस ईनामी बदमाश को पकडने के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन मदरक्तिम’ चलाया था।
कौन है कंवरलाल: वेटर से ड्रग माफिया बनने तक का सफर
चितौडगढ जिले के सांगरिया (थाना निकुम्भ) का रहने वाला 45 वर्षीय कंवरलाल गुर्जर कभी महाराष्ट्र के होटलों में वेटर का काम करता था। आठवीं फेल कंवरलाल ने आवारागर्दी के बाद एसटीडी बूथ खोला, लेकिन ज्यादा पैसे कमाने की हवस उसे नशे की कालिख भरी दुनिया में ले आई। होटलों में आने वाले ड्रग तस्करों की अमीरी देख उसने अपने गांव लौटकर अफीम और डोडा चुरा की तस्करी शुरू की। धीरे-धीरे उसने मारवाड और मेवाड में अपना स्वयंभू साम्राज्य खड़ा कर लिया।
पूरे कुनबे को बनाया तस्करी का हिस्सा
कंवरलाल इतना शातिर था कि उसने अपने भाई-भतीजों और रिश्तेदारों को भी इस धंधे में शामिल कर लिया। जब उसके पास पैसे बरसने लगे, तो जो परिवार कभी उसकी आवारागर्दी से परेशान था, वही उसे अपना ‘हीरो’ मानने लगा। पिछले चार साल से फरार रहने के दौरान भी वह दूर बैठकर अपने भतीजों के जरिए ग्राहकों से सौदेबाजी करता था और उन्हें महंगी गाडियां उपलब्ध करवाता था।
पकडने की फिल्मी पटकथा: एम्बुलेंस और छद्म नाम का सहारा
कंवरलाल पुलिस से बचने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था। शातिर इतना कि ग्राहकों को भी अपना नाम दिनेश या रमेश बताता था ताकि पकडे जाने पर पहचान न हो सके। लेकिन हाल ही में एक डील के लिए जाते समय उसकी गाडी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उसके पैरों में गंभीर चोट आई।
- ANTF की जालसाजी: मुखबिर से सूचना मिली कि वह उदयपुर के जेपी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाला है।
- निगरानी: टीम ने टोल नाकों और एम्बुलेंस की हलचल पर नजर रखी। पता चला कि वह अपने ही किसी खास की एम्बुलेंस से ‘दिनेश’ बनकर अस्पताल पहुंचता है।
- गिरफ्तारी: मंगलवार को जब वह दोबारा अस्पताल में पट्टियां बदलवाने पहुंचा, तो पहले से मुस्तैद जालोर और उदयपुर ANTF की टीम ने उसे घेर लिया। शुरुआती पूछताछ में उसने गुमराह किया, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म और असली पहचान कबूल कर ली।
ANTF का प्रहार, तस्करों में हडकम्प
आईजी विकास कुमार ने बताया कि इस ऑपरेशन में एएनटीएफ मुख्यालय जयपुर, जालोर चौकी और उदयपुर टीम की मुख्य भूमिका रही है। पकडा गया तस्कर मध्य प्रदेश के नीमच-मंदसौर से माल लाकर राजस्थान के जिलों में सप्लाई करता था। वह ग्राहकों को कभी अपने ठिकाने पर नहीं बुलाता था, बल्कि एक ढाबे पर मिलकर खुद उनकी गाडी चलाकर गुप्त गोदाम तक ले जाता था।
अभियुक्त का विवरण:
- नाम: कंवरलाल गुर्जर (उम्र 45 साल)
- पिता: ओंकारलाल गुर्जर
- निवासी: सांगरिया, थाना निकुम्भ, जिला चितौडगढ
- ईनाम: 25,000 रूपये (राजस्थान पुलिस का टॉप-25 अपराधी)
अगर आपके पास भी नशे के कारोबार या अपराधियों से जुडी कोई जानकारी है, तो ANTF के कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9001999070 पर सूचना दें। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।



