घर लौटते वक्त काल बनकर आया अज्ञात वाहन, सेवाड़ा गांव में पसरा मातम; कानून जगत में शोक की लहर
रानीवाड़ा। रानीवाड़ा-सांचौर स्टेट हाईवे पर मंगलवार की देर रात एक ऐसा सन्नाटा पसर गया, जिसने पूरे अधिवक्ता जगत और सेवाड़ा गांव को झकझोर कर रख दिया। अपने माता-पिता का इकलौता सहारा, होनहार एडवोकेट सुमेर सिंह सोलंकी अब हमारे बीच नहीं रहे। दिनभर की कानूनी मशक्कत के बाद घर की ओर लौट रहे सुमेर सिंह की जीवन यात्रा सड़क पर दौड़ते किसी अज्ञात वाहन ने हमेशा के लिए थाम दी।
राह तकती रह गई आंखें, घर नहीं पहुंचे सुमेर मिली जानकारी के अनुसार, एडवोकेट सुमेर सिंह अपना काम निपटाकर देर रात घर लौट रहे थे। पाल मार्ग के पास जैसे ही वे पहुंचे, एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुमेर सिंह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों की सूचना पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एकलौते बेटे को खोने का दर्द सुमेर सिंह का जाना सिर्फ एक कानूनी सलाहकार की मौत नहीं है, बल्कि उस वृद्ध माता-पिता के जीवन का आधार छिन जाना है, जिन्होंने उन्हें अपनी पूरी दुनिया माना था। इकलौते पुत्र के असमय चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सेवाड़ा गांव में इस खबर के बाद से चूल्हे तक नहीं जले हैं।
अधिवक्ता जगत में शोक बार एसोसिएशन रानीवाड़ा के अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह देवड़ा ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "सुमेर सिंह का इस तरह बीच राह में असमय चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है। युवा एडवोकेट का जाना अधिवक्ता परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।"
अज्ञात वाहन की तलाश में पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने और उस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है, जिसने एक हंसते-खेलते घर का चिराग बुझा दिया। पूरे रानीवाड़ा क्षेत्र में दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा है।







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