जालोर, 29 जुलाई (सर्कल न्यूज़ )। शिक्षा के मंदिरों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, राज्य के करीब 1936 बदहाल विद्यालयों में मेजर रिपेयरिंग के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। इस कदम से लंबे समय से जर्जर इमारतों, टूटे-फूटे कमरों और अनुपयोगी शौचालय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हजारों छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। यह राशि सभी जिलों में बदहाल स्कूलों के सुधार के लिए आवंटित की गई है, जिससे शिक्षा का माहौल बेहतर हो सकेगा।

जालोर जिले को मिला विशेष हिस्सा: 50 विद्यालयों की होगी मरम्मत
इसी कड़ी में, जालोर जिले को भी इस महत्वपूर्ण योजना में विशेष प्राथमिकता मिली है। जिले के कुल 50 विद्यालयों में मरम्मत कार्य होगा, जिससे यहां के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित कई स्कूलों की तस्वीर बदल जाएगी। लंबे समय से अपेक्षित यह कार्य अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिख रहा है।
ब्लॉकवार स्कूलों की सूची: कहाँ कितना सुधार?
जालोर जिले के विभिन्न ब्लॉकों में मरम्मत होने वाले स्कूलों का विवरण इस प्रकार है:
- आहोर ब्लॉक: 13 स्कूल
- बागोड़ा ब्लॉक: 6 स्कूल
- भीनमाल ब्लॉक: मात्र 1 स्कूल
- चितलवाना ब्लॉक: 4 स्कूल
- जालोर ब्लॉक: 4 स्कूल
- जसवंतपुरा ब्लॉक: 5 स्कूल
- रानीवाड़ा ब्लॉक: 6 स्कूल
- सांचौर ब्लॉक: 2 स्कूल
- सरनाऊ ब्लॉक: 2 स्कूल
- सायला ब्लॉक: 7 स्कूल
यह बजट जारी होने से न केवल स्कूलों की भौतिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण भी मिलेगा, जो उनकी शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उम्मीद की जा रही है कि यह पहल प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगी।



