सर्कल न्यूज़ नेटवर्क
जालोर। चितलवाना तहसील की रणोदर ग्राम पंचायत के किसानों में ‘आदान अनुदान’ के लिए गिरदावरी ऐप (Girdawari App) न खुलने से भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आगामी 27 अक्टूबर को चितलवाना में होने वाले महापड़ाव में बड़ी संख्या में भाग लेने की घोषणा की है।
रणोदर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सरपंच प्रतिनिधि सुरजन राम साऊ की अध्यक्षता और संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई के आतिथ्य में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में किसानों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया और प्रशासन के प्रति नाराज़गी ज़ाहिर की गई।

करोड़ों रुपए का आदान अनुदान अटका
रणोदर सरपंच प्रतिनिधि सुरजन राम साऊ ने बताया कि चितलवाना तहसील में किसानों का आदान अनुदान का करोड़ों रुपया लंबे समय से रुका हुआ है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि तहसील के कई गाँवों का गिरदावरी ऐप खुल चुका है, लेकिन रणोदर पंचायत के सभी राजस्व गाँव— रणोदर, नयावास, नाइयों की ढाणी, पुरानगर और चारणीम— का गिरदावरी ऐप नहीं खोला गया है। इससे संपूर्ण ग्राम पंचायत के किसान अत्यधिक नाराज़ हैं। उन्होंने घोषणा की कि इस अन्याय के विरोध में रणोदर ग्राम पंचायत से 600 से भी अधिक किसान चितलवाना के महापड़ाव में भाग लेंगे।
फसल बीमा और नर्मदा नहर पर भी गुस्सा
संयुक्त किसान मोर्चा के जिला मंत्री मका राम चौधरी ने बैठक में बताया कि फसल बीमा क्लेम को लेकर रिलायंस कंपनी की मनमानी लगातार जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाने के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है, और बैंक मनमर्जी से खसरे व फसलें भरकर प्रीमियम काट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष तूफानी बारिश और नदी के पानी से सांचौर और चितलवाना क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ, लेकिन किसानों को राहत देने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विरद सिंह चौहान और धीमाराम खिलेरी ने नर्मदा नहर सिस्टम की अव्यवस्थाओं पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि रबी की सीजन आ गई है, लेकिन अभी तक न तो नहरों की सफाई हुई है और न ही झाड़ी कटिंग हुई है, जिससे टेल तक पानी पहुँचना असंभव है।
बैठक में पूर्व सरपंच जलाराम साहू, देवीचंद मेघवाल, श्रीराम लोल ने बिजली विभाग और अन्य समस्याओं का ज़िक्र किया।
इस अवसर पर भंवर सिंह चारणीम, पाबूराम पूनिया, जबरसिंह, भाखराराम साऊ, रघुनाथ, भाणाराम माली, कोहलाराम, हंजारीराम नाई, सहीराम, थानाराम जाट, भारूमल मेघवाल, भंवर कुराड़ा, धीमाराम सारण, भेराराम डारा सहित सैकड़ों किसान और विरद सिंह चौहान, धीमाराम खिलेरी, प्रेमाराम सारण जैसे कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने महापड़ाव में भागीदारी के लिए जनसंपर्क तेज करने का संकल्प लिया।



