प्रशासन की लापरवाही से हर साल झेलना पड़ता है बाढ़ का दंश, अब ग्रामीणों ने थामी कलम और उठाए आवाज
Circle News Network | सांचौर/जालौर
सांचौर तहसील की ग्राम पंचायत नैनोल में स्थित ‘नैनोल-पांचला क्रास बांध’ ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़े इस सरकारी बांध के कारण क्षेत्रवासियों को हर साल तबाही का सामना करना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की गुहार लगाई है।
क्या है मामला? ग्रामीणों ने शिकायत में बताया है कि नैनोल-पांचला क्रास बांध वर्ष 2015, 2017 और 2023 की विनाशकारी बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से लेकर आज तक इस बांध की न तो कोई ठोस मरम्मत हुई है और न ही प्रशासन ने इसकी सुध ली है। बांध के टूटने के कारण पानी हर बार अपना नया रास्ता बनाता है, जिससे गांव, कृषि भूमि, सड़कों और आमजन की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचता है।
अवैध बांधों ने बढ़ाया खतरा समस्या केवल सरकारी बांध के क्षतिग्रस्त होने तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने सरकारी बांध के आगे अपने निजी स्वार्थ के लिए मिट्टी के बड़े-बड़े बांध बना लिए हैं। इन अवैध निर्माणों ने पानी के प्राकृतिक बहाव और जल निकासी के मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। ग्रामीणों की चेतावनी है कि यदि इन अवैध बांधों को समय रहते नहीं हटाया गया, तो आने वाली बरसात में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है, जिससे जन-धन और पशुधन की बड़ी हानि की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन को चेतावनी, बड़ी कार्रवाई की मांग लाला राम व समस्त ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई और कोई बड़ा हादसा हुआ, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की होगी।
प्रमुख मांगें:
- नैनोल-पांचला क्रास बांध का उच्च स्तरीय तकनीकी निरीक्षण करवाना।
- सरकारी बांध की तत्काल स्थायी और मजबूत मरम्मत सुनिश्चित करना।
- पानी की प्राकृतिक निकासी को बिना किसी देरी के बहाल करना।
- जल प्रवाह में बाधा डालने वाले सभी अवैध निजी बांधों को चिन्हित कर नियमानुसार ध्वस्त करना।



