जालोर। जिला पुलिस कप्तान शैलेंद्रसिंह इन्दोलिया (IPS) के कुशल निर्देशन में जालोर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बहुचर्चित गणपतसिंह माण्डोली ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है। करीब सात माह पहले हुई इस हत्या के पीछे अवैध संबंधों और ब्लैकमेलिंग की खौफनाक कहानी सामने आई है।
ब्लैकमेलिंग से तंग आकर रची मौत की साजिश
पुलिस की गहन तफ्तीश में सामने आया कि मृतक गणपतसिंह ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपियों को परेशान कर रहा था। इसी से पीछा छुड़ाने के लिए आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने का मन बनाया। 27 अगस्त 2024 की रात जब गणपतसिंह अपनी दुकान से निकला, तब घात लगाकर उसके सिर पर गंभीर चोट मारकर उसकी हत्या कर दी गई और लाश को ग्रेवल सड़क किनारे फेंक दिया गया।
ये हैं घटना के सूत्रधार (नाम, पता और जाति सहित)
पुलिस ने इस मामले में संलिप्त एक महिला सहित तीन लोगों को दबोचा है:
- गजेन्द्रसिंह पुत्र सुरेन्द्रसिंह, जाति राजपूत, निवासी माण्डोली (थाना रामसीन)।
- बागाराम पुत्र कानाराम, जाति भील, निवासी माण्डोली (थाना रामसीन)।
- श्रीमति लच्छु देवी पत्नी सवारांम, जाति चौधरी, निवासी माण्डोली (थाना रामसीन)।
SP इन्दोलिया की 'स्पेशल टीम' का एक्शन
इस अंधे कत्ल को सुलझाने के लिए SP शैलेंद्रसिंह इन्दोलिया ने भूपेन्द्रसिंह (RPS, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया था। इस टीम में शामिल जांबाज अधिकारियों ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के सूक्ष्म विश्लेषण से आरोपियों तक पहुँचने में सफलता पाई:
- मुख्य नेतृत्व: भूपेन्द्रसिंह (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, त्वरित अनुसंधान सैल जालोर)।
- थानाधिकारी: रामेश्वर भाटी (थानाधिकारी कोतवाली जालोर) एवं अरविन्द कुमार (थानाधिकारी रामसीन)।
- विशेष भूमिका: श्रीमति भंवरी (मकानि. 352) की इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका रही।
- तकनीकी सहयोग: किशनलाल (हैंडकानि. 722, SP कार्यालय जालोर)।
न्याय की जीत:
लंबे समय से क्षेत्र में चर्चा का विषय बने इस मर्डर केस के खुलासे के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब आरोपियों से इस कांड में प्रयुक्त हथियारों और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के प्रयास कर रही है।







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