रानीवाड़ा, 13 अगस्त।
किसानों के लिए सरकार का नया फरमान आ गया है – अब किसान क्रेडिट कार्ड का पुराना कर्ज चुकाकर नया लेने के लिए 7 दिन का अनिवार्य इंतज़ार करना पड़ेगा। विभाग का कहना है कि इससे ‘सदाबहार’ यानी हमेशा चालू रहने वाले लोन पर ब्रेक लगेगा, लेकिन किसानों के बीच सवाल है – “भाई, ये 7 दिन में फसल बोऊं या बैंक के चक्कर लगाऊं?”
केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि 2025-26 में केसीसी पर 7% ब्याज दर रहेगी, जिसमें 3% ब्याज माफी केंद्र और 4% समय पर भुगतान करने वालों को मिलेगी। मगर जो किसान एक साल बाद ही ऋण चुकाते हैं, उनके लिए ये छूट खत्म।

एक किसान–एक केसीसी का नियम भी अब लोहे के चने जैसा सख्त। बैंक अब हर किसान से लिखवाएंगे कि उसके पास कोई दूसरा केसीसी खाता नहीं है। डुप्लीकेट खाते वाले किसानों में सिर्फ सहकारी बैंक का खाता ही योजना में गिना जाएगा।
राजस्थान में किसानों की मुस्कान बरकरार
यहां राज्य सरकार पहले से 4% और केंद्र 3% ब्याज सबवेशन दे रहे हैं, जिससे किसान अब भी शून्य ब्याज दर पर अल्पकालीन फसली ऋण ले सकेंगे।
किसानों का तंज़ – “अरे सरकार, ब्याज तो जीरो कर दिया, अब ये 7 दिन वाला झंझट भी जीरो कर दो।”



