सर्किल न्यूज नेटवर्क
करवाड़ा। "हौसले बुलंद हों तो मंज़िलें खुद कदम चूमती हैं"—इस कहावत को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करवाड़ा बी ढाणी की होनहार बेटियों ने अक्षरशः सच कर दिखाया है। जिले में आयोजित जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ग्रामीण परिवेश से निकलीं महज चार बेटियों ने ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया कि खेल मैदान में मौजूद दर्शक दांतों तले अंगुलियां दबाने को मजबूर हो गए। बेटियों के दमदार खेल और फौलादी इरादों के बूते विद्यालय ने अंडर-17 छात्रा वर्ग में 8 पदकों पर एकतरफा कब्जा जमाते हुए ओवरऑल चैंपियन की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

सीमा, भावना और सुमन की तिकड़ी का दबदबा
प्रतियोगिता के 17 वर्ष छात्रा वर्ग में विद्यालय की एथलीट सीमा, भावना और सुमन ने हर स्पर्धा में अपनी धाक जमाई। ट्रैक पर उतरते ही इन बेटियों की रफ्तार के आगे विरोधी खिलाड़ी पस्त नजर आए। टीम ने स्प्रिंट से लेकर लंबी दूरी तक में अपनी श्रेष्ठता साबित की:
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4×100 मीटर रिले दौड़: टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक (Gold) झटका।
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3000 मीटर दौड़: सीमा ने गजब का स्टेमिना दिखाते हुए पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक (Gold) जीता।
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1500 मीटर दौड़: सीमा ने दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए रजत पदक (Silver) पर कब्जा किया।
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400 मीटर बाधा दौड़: भावना ने बाधाओं को मात देते हुए स्वर्ण पदक (Gold) चूमा।
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800 मीटर दौड़: भावना ने कांस्य पदक (Bronze) हासिल किया।
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100 मीटर दौड़: भावना ने फर्राटा भरते हुए कांस्य पदक (Bronze) जीता।
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400 मीटर दौड़: सुमन ने तेज रफ्तार के दम पर रजत पदक (Silver) अपने नाम किया।
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200 मीटर दौड़: सुमन ने कड़े मुकाबले में कांस्य पदक (Bronze) पर कब्जा जमाया।
तपस्या, अनुशासन और मातृत्व भरे स्नेह की जीत
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे विद्यालय के खेल प्रशिक्षकों और प्रभारियों का कड़ा परिश्रम रहा। कोच प्रियदर्शी के कठोर अनुशासन व कुशल प्रशिक्षण ने बेटियों की प्रतिभा को तराशा, वहीं टीम प्रभारी श्रीमती विरमा कड़वासरा के मातृत्व भरे स्नेह और निरंतर प्रोत्साहन ने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा। इसके साथ ही शारीरिक शिक्षक व मार्गदर्शक श्री रामकिशन गोदारा और श्री भेराराम बेनीवाल के संबल ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया। ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी (CBEO) श्रीमती मंजु प्रतिभा के सकारात्मक मार्गदर्शन व प्रेरणा ने इस स्वर्णिम अध्याय की नींव रखी।
सीमित संसाधन, पर हौसले आसमान छूते हुए
विद्यालय के प्रधानाचार्य चेतन कुमार जांगू ने कहा कि छात्राओं ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती। अभावों और सीमित संसाधनों के बीच भी छात्राओं ने दिन-रात पसीना बहाकर यह मुकाम हासिल किया है। अब टीम का अगला लक्ष्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में परचम लहराना है।
जीत की सूचना मिलते ही विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों में जश्न का माहौल बन गया और मिठाइयां बांटकर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।









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