संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में बनी रणनीति: खरीफ खराबे का मुआवजा, नर्मदा नहर की अव्यवस्था और जल जीवन मिशन के दावों पर आक्रोश
सर्किल न्यूज नेटवर्क सांचौर/चितलवाना। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आगामी 16 जून को प्रस्तावित सांचौर धरने को लेकर ग्रामीण इलाकों में किसान जागृति अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में जांगूनगर, नराली (झोटड़ा) में भंवरलाल पुरोहित की अध्यक्षता और मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई, विरद सिंह चौहान, पूनमा राम बिश्नोई, धीमाराम खिलेरी, भाखरा राम रावतसर व जिला प्रवक्ता लादूराम भादू की देखरेख में किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ हुंकार भरते हुए जांगूनगर नराली से सैकड़ों किसानों ने धरने में कूच करने का ऐलान किया है।

मोर्चा के जिला प्रवक्ता लादूराम भादू ने बताया कि 16 जून के महाधरने को सफल बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की टीमें गांव-गांव जाकर बैठकें कर रही हैं और पीले चावल बांटकर किसानों को बुलावा दे रही हैं।
मुआवजे में भेदभाव और योजनाओं की विफलता पर गुस्सा
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने कहा कि आदान अनुदान, फसल बीमा क्लेम, नर्मदा नहर, कृषि उपज मंडी, बिजली और जल जीवन मिशन जैसी ज्वलंत समस्याओं को लेकर मोर्चा लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीफ 2025 में आए भीषण अंधड़ और तूफानी बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। चितलवाना तहसील के सभी गांवों में 30 फीसदी से अधिक खराबा मानकर इसे आपदा प्रबंधन में शामिल किया गया, जहां कई किसानों को 17 हजार रुपए का अनुदान मिला, लेकिन अधिकांश किसान आज भी इससे वंचित हैं।
खेद का विषय है कि इसी आपदा से सांचौर तहसील में भी भारी नुकसान हुआ था, लेकिन प्रशासन ने महज 5-7 पटवार हलकों में ही खराबा दर्शाकर शेष पूरी तहसील के किसानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया। इससे किसानों में भारी आक्रोश है।
स्वामीनाथन रिपोर्ट और जमीन छीनने का विरोध
किसान नेता पूनमाराम बिश्नोई ने कहा कि आजादी के 78 साल बाद किसानों के हित में केवल एक ‘स्वामीनाथन आयोग’ बना, लेकिन दुखद है कि उसकी सिफारिशों को आज तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने इस आयोग को तुरंत लागू करने की पुरजोर मांग की। वहीं, विरद सिंह चौहान ने नर्मदा नहर की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नैहड क्षेत्र के आकोड़िया, कुकड़िया, खेजड़ीयाली आदि गांवों में सोलर प्लांट के नाम पर किसानों की कीमती जमीनें छीनी जा रही हैं, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
कागजों में सिमटा जल जीवन मिशन
धीमाराम खिलेरी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ ‘वंदे गंगाजल अभियान’ चलाकर जल संरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, तो दूसरी तरफ नर्मदा के कीमती पानी को व्यर्थ में लूनी नदी में बहाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत घर-घर नल और नल में जल की योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। अधिकांश गांव-ढाणियों में आज भी न तो नल लगे हैं और न ही पानी पहुंच रहा है। इसके अलावा भाखराराम रावतसर ने हाल ही में हुई बारिश और तेज हवा से चरमराई बिजली व्यवस्था को तुरंत सुधारने की मांग की।
ग्राम इकाई कार्यकारिणी का गठन
बैठक के दौरान जांगूनगर नारली की ग्राम इकाई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से निम्न नियुक्तियां की गईं:
- संरक्षक: भागीरथ जांगू
- अध्यक्ष: जगराम साहू
- उपाध्यक्ष: भंवरलाल पुरोहित, भोपाल सिंह
- सचिव: ओम प्रकाश शर्मा
- कोषाध्यक्ष: भगवानाराम
- सदस्य: गणेशाराम, मोहनलाल, गोमाराम, जय किशन, शंकर सिंह, भागीरथ सुथार, वींजाराम, झुंझार सिंह, लाधाराम, किशन लाल, जोगाराम और अमराराम।
बैठक में उपस्थित किसानों ने करतल ध्वनि से नवनियुक्त कार्यकारिणी का स्वागत किया। साथ ही, जांगूनगर नारली से 100 किसानों ने धरने में भाग लेने की लिखित घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन लादूराम भादू ने किया।
चितलवाना में भी उमड़ा किसानों का सैलाब, 200 किसान जाएंगे सांचौर
इसी प्रकार, चितलवाना ग्राम इकाई की बैठक भाखराराम गोदारा और हरीराम गोदारा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। मोर्चा की टीम (ईशराराम बिश्नोई, विरद सिंह चौहान, पूनमाराम विश्नोई, लादूराम डावल, एडवोकेट किशनलाल पूनिया, शैतान सिंह, किशनाराम भादू आदि) की देखरेख में हुई इस बैठक में किसानों ने भारी संख्या में भाग लिया। इस बैठक में आगामी 16 जून के सांचौर धरने में चितलवाना से 200 किसानों के भाग लेने की घोषणा की गई, जिसका उपस्थित जनसमूह ने तालियां बजाकर समर्थन किया।



