आजादी के 79 साल बाद भी उपेक्षा का दंश, श्री आशापुरी माताजी रेल संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार को घेरा
मोदरान (जालोर) | विशेष रिपोर्ट: जगमालसिंह राजपुरोहित
दक्षिण भारत से जुड़ी रेल सुविधाओं के विस्तार और मोदरान रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की भारी कमी को लेकर अब क्षेत्र की जनता का धैर्य जवाब दे गया है। श्री आशापुरी माताजी रेल संघर्ष समिति के नेतृत्व में मोदरान सहित सेरना, धानसा, नरपुरा, नून, सरत, रानीवाड़ा, भीमपुरा सहित सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम एक विस्तृत और आंदोलनात्मक ज्ञापन भेजकर अपनी 10 सूत्रीय मांगों को पुरजोर तरीके से रखा है।

समदड़ी–भीलड़ी मार्ग की उपेक्षा: ग्रामीणों की 10 प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने ज्ञापन में समदड़ी–जालोर–भीलड़ी रेल मार्ग की वर्षों से चली आ रही अनदेखी को उजागर करते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- चेन्नई–भगत की कोठी एक्सप्रेस का ठहराव: नई ट्रेन संख्या 20625/20626 का मोदरान स्टेशन पर तत्काल ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
- दोहरीकरण और प्लेटफॉर्म निर्माण: स्टेशन पर चल रहे दोहरीकरण कार्य में आबादी व बाजार क्षेत्र की सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म निर्माण के बाद ही लाइन बिछाई जाए।
- अमृत भारत स्टेशन योजना: मोदरान को इस योजना में शामिल कर प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर नया प्लेटफॉर्म, आधुनिक प्रतीक्षालय और नया टिकट/आरक्षण कार्यालय बनाया जाए।
- सबवे और लिफ्ट की सुविधा: प्लेटफॉर्म 1 और 2 के बीच बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं की सुविधा के लिए अंडरब्रिज (सबवे) और लिफ्ट की तत्काल व्यवस्था हो।
- C-72 रेलवे क्रॉसिंग: नरपुरा (नून हवाई पट्टी) की ओर रेलवे क्रॉसिंग संख्या C-72 पर डबल रोड अथवा रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण किया जाए।
- C-73 क्रॉसिंग का विस्तार: मुख्य सड़क पर स्थित क्रॉसिंग संख्या C-73 को यथावत रखते हुए अंडरब्रिज की ऊंचाई बढ़ाई जाए ताकि बड़े वाहनों को परेशानी न हो।
- आशापुरी माताजी मंदिर अंडरब्रिज (C-74): विश्व प्रसिद्ध प्राचीन तीर्थ श्री आशापुरी माताजी मंदिर के पास रेलवे क्रॉसिंग C-74 पर यथास्थान बड़ा अंडरब्रिज बनाया जाए।
- दक्षिण भारत के लिए नई ट्रेनें: समदड़ी–भीलड़ी मार्ग से हैदराबाद, बेंगलुरु, कन्याकुमारी, मदुरै और कोयंबटूर के लिए सीधी नई ट्रेनों का संचालन शुरू हो।
- समय परिवर्तन और पैसेंजर ट्रेनें: जोधपुर–गांधीधाम सुपरफास्ट (22483/22484) का समय बदला जाए और बाड़मेर से अहमदाबाद के बीच नई लोकल पैसेंजर ट्रेनों की शुरुआत हो।
- दिल्ली-जयपुर कनेक्टिविटी: जयपुर और दिल्ली से भीलड़ी/गांधीधाम तक इस मार्ग होकर नई रेल सेवाएं शुरू की जाएं।
क्यों खास है यह रूट? रेलवे के लिए ‘कमाऊ पूत’ बनने की क्षमता
यह रेल मार्ग रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, जिसकी अनदेखी समझ से परे है:
- सबसे छोटा मालवाहक रूट: उत्तर भारत से गुजरात के मुंद्रा और कांडला पोर्ट तक पहुंचने के लिए यह सबसे छोटा और सीधा मार्ग है। मालगाड़ियों के लिए यह समय और ईंधन बचाने वाला ‘पोटेंशियल रूट’ है।
- प्रवासियों की जीवनरेखा: जालोर-सिरोही के लाखों प्रवासी दक्षिण भारत में व्यापार करते हैं। इस मार्ग के विकास से रेलवे को भारी राजस्व और प्रवासियों को सुगम सफर मिलेगा।
चेतावनी: ‘अब और सहन नहीं करेगी जनता’
संघर्ष समिति का कहना है कि आजादी के इतने दशकों बाद भी इस मार्ग पर पैसेंजर ट्रेनों का अभाव है। एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोच न होने से गरीब और मध्यम वर्ग के यात्री बस संचालकों की लूट का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा क्षेत्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन की प्रतियां सांसद लुम्बाराम चौधरी, DRM जोधपुर, महाप्रबंधक जयपुर और स्टेशन मास्टर मोदरान को प्रेषित कर जल्द समाधान की अपील की गई है।



