होटल के धंधे में मंदी आई तो चुना नशा तस्करी का रास्ता, ‘ऑपरेशन मरुशम्बूक’ के तहत घिरे टॉप ड्रग माफिया को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने दबोचा
सर्कल न्यूज नेटवर्क। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ जारी अपने सिलसिलेवार अभियान में लगातार पांचवें दिन पांचवी सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है। सूबे के टॉप ड्रग तस्करों की सूची में शामिल और पिछले एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी को ANTF ने जोधपुर के नेतड़ा टोल प्लाजा से धर दबोचा। आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में चलाए गए ‘ऑपरेशन मरुशम्बूक’ के तहत यह इस साल की 69वीं बड़ी गिरफ्तारी है।
बेरोजगारी और मंदी ने बनाया गुनाहगार पकड़े गए शातिर अपराधी का पूरा नाम सुनिल झाझडा पुत्र परसाराम जाट (उम्र 26 वर्ष) है, जो झाझडों की ढाणी, कटनाऊ पालडी, पुलिस थाना खेडापा, जिला जोधपुर का रहने वाला है। बीए तक शिक्षित सुनिल ने नौकरी न मिलने पर जोधपुर-नागौर हाईवे पर ‘हरि ओम होटल’ नाम से एक ढाबा शुरू किया था। होटल से घर का खर्च न निकलने और आमदनी बेहद कम होने के कारण वह कर्ज में डूबने लगा। करीब एक साल पहले उसकी होटल पर पंजाब का एक ट्रक ड्राइवर खाना खाने रुका, जिसने उसे रातों-रात अमीर बनने के लिए मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई करने की सलाह दी।
NH-62 से पंजाब तक फैलाया था जाल ड्राइवर की बातों में आकर सुनिल ने होटल की आड़ में चोरी-छिपे अफीम-डोडा चूरा जैसे मादक पदार्थों का धंधा शुरू कर दिया। देखते ही देखते उसकी होटल पर पंजाब और हरियाणा के ट्रकों की कतारें लगने लगीं। इसके बाद उसने पंजाब के मोगा क्षेत्र के बड़े तस्करों से सीधा संपर्क साध लिया। सुनिल अपने होटल के कर्मचारियों को पैसों का लालच देकर नशे की बड़ी खेप पंजाब भेजने लगा। कुछ समय पहले हनुमानगढ़ पुलिस ने सुनिल के आदमियों को तस्करी के माल के साथ दबोच लिया था, जिसमें जांच के दौरान सुनिल का नाम मुख्य सरगना के रूप में सामने आया। पुलिस की दबिश की भनक लगते ही वह अपनी होटल बंद कर फरार हो गया था।
अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर मिली सफलता आईजी विकास कुमार ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल और ब्यावर में लगातार कार्रवाइयों के बाद ANTF की विशेष टीम ने स्थानीय इनपुट के आधार पर जोधपुर में जाल बिछाया। पकड़े जाने पर शातिर सुनिल ने पहले तो अनजान बनने का नाटक किया और कहा कि उसे किसी मुकदमे की याद नहीं है, लेकिन गहन पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के विशेष मौके पर मिली इस सफलता के लिए आईजी विकास कुमार ने कार्रवाई में शामिल पूरी टीम को ANTF मुख्यालय में विशेष रूप से सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर बेझिझक नशे के सौदागरों की सूचना दें, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



