जालोर। राजस्थान पुलिस ने ऑपरेशन ‘घरकरभर’ के तहत असम राइफल्स में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी रामकिशोर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई थाना नोसरा की टीम द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद्र यादव के निर्देशन में की गई।
ठगी का पूरा षड्यंत्र:
आरोपी रामकिशोर पुत्र जबराराम (निवासी जालका, जोधपुर) ने लोगों को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर एक करोड़ से अधिक रुपए ऐंठे। उसके खिलाफ थाना बनाड़, जोधपुर में भी ठगी का मामला दर्ज है।
कैसे हुआ खुलासा?
प्रकरण संख्या 12/2025 के तहत मुनेश कुमार उर्फ मनीषकुमार (निवासी कोराणा, जालोर) ने शिकायत की थी कि आरोपी ने उसे असम राइफल्स में क्लर्क ऑफिसर पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 8 लाख रुपए वसूले।
पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि रामकिशोर ने सेना में भर्ती की असफल कोशिशें कीं और बाद में ऑनलाइन गेम्स (FIEWIN, 91 CLUB, CHAMET) की लत लगने से उसने ठगी का रास्ता अपनाया।
फर्जीवाड़े का तरीका:
- फोटोशॉप से असम राइफल्स की वर्दी पहने अपनी फोटो बनाई।
- सोशल मीडिया और दोस्तों को भेजकर खुद को सेना का अधिकारी बताया।
- परिचितों, रिश्तेदारों और व्यापारियों को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर लाखों वसूले।
- जोधपुर छोड़कर बाहर चला गया, ताकि ठगी को बड़े स्तर पर अंजाम दिया जा सके।
पुलिस टीम ने ऐसे पकड़ा आरोपी:
पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। टीम में थानाधिकारी पन्नालाल (नोसरा), भंवरलाल, हरिराम, कोहलाराम सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। विशेष तकनीकी भूमिका: हंस्तीमल और सुरेशकुमार (नोसरा पुलिस) ने डिजिटल जांच कर ठग को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।
न्यायिक कार्रवाई:
आरोपी को 23 अप्रैल 2025 को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
🔴 राजस्थान पुलिस ने ऑपरेशन “मदमर्दन” के तहत अपराधियों पर शिकंजा कसना जारी रखा है। नागरिकों से अपील है कि ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े से बचें और सतर्क रहें।
