प्रमुख बिंदु:
- विधायक जोगेश्वर गर्ग के वायरल वीडियो पर मचा बवाल।
- कांग्रेस ने राजीव गांधी भवन में बुलाई प्रेस वार्ता, मांगा सार्वजनिक स्पष्टीकरण।
- महिला जनप्रतिनिधियों के अपमान और विकास के मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरा।
जालोर। जिले में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए भाजपा नगर मंडल की बैठक के एक वीडियो ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। इस वीडियो में जालोर विधायक एवं मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग द्वारा कांग्रेस पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियों के सामने आने के बाद, कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए बुधवार को जोरदार पलटवार किया है।
स्थानीय राजीव गांधी भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने विधायक जोगेश्वर गर्ग की भाषाशैली पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में कहा कि विधायक महोदय या तो अपने बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा जालोर के विकास और मूलभूत समस्याओं के मुद्दों पर जनता के सामने खुली बहस के लिए मैदान में आएं।

‘वरिष्ठ नेताओं से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं’ – योगेंद्र सिंह कुम्पावत
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जोगेश्वर गर्ग क्षेत्र के एक वरिष्ठ नेता हैं और उनसे इस प्रकार की अमर्यादित शब्दावली की बिल्कुल भी अपेक्षा नहीं की जाती। यदि राजनीति के धुरंधर और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि ही इस तरह की भाषा का प्रयोग करेंगे, तो पार्टी कार्यकर्ताओं और देश की युवा पीढ़ी के बीच बेहद गलत संदेश जाएगा।
कुम्पावत ने सीधे तौर पर विधायक को चुनौती देते हुए कहा, “पिछले ढाई वर्षों में जालोर के विकास के लिए ऐसा कौन-सा बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाला कार्य हुआ है, जिसे विधायक गर्ग जनता के सामने अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में गिना सकें? इस पर वे सार्वजनिक मंच पर खुली बहस करें, कांग्रेस इसके लिए पूरी तरह तैयार है।”
सत्ता की चाबी हाथ में, फिर भी जनता बेहाल
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज नगर परिषद से लेकर पंचायत समिति, जिला प्रमुख, विधायक और यहाँ तक कि प्रदेश व केंद्र में भी भाजपा की ही सरकार है। सत्ता की इतनी लंबी कतार होने के बावजूद जालोर की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। इस नाकामी की पूरी जिम्मेदारी से भाजपा मुँह नहीं मोड़ सकती।
जालोर शहर की बदहाल व्यवस्थाओं का कच्चा-चिट्ठा खोलते हुए कुम्पावत ने कई गंभीर मुद्दे उठाए:
- शहर की प्रमुख सड़कें आज पूरी तरह से जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
- सीवरेज व्यवस्था की लापरवाही से आम नागरिक त्रस्त हैं।
- पेयजल की नियमित आपूर्ति न होने के कारण लोगों को महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने की भारी मजबूरी झेलनी पड़ रही है।
- भीषण गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
- संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारी आम जनता के फोन तक उठाने की जहमत नहीं उठाते।
महिला जनप्रतिनिधि के अपमान पर भड़कीं सरोज चौधरी
प्रेस वार्ता में आहोर की कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी ने विशेष रूप से महिला सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि के पैर में फ्रैक्चर हुआ था, तो क्या राजनीतिक द्वेष के चलते किसी महिला को निशाना बनाकर इस प्रकार की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करना उचित है? उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राजनीतिक वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति मान-मर्यादा और सम्मान बनाए रखना हर नेता का नैतिक दायित्व है।
वेंटिलेटर और भ्रष्टाचार के मामलों पर भी घेरा
निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष बसंत सुथार ने भाजपा नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के पूर्व सभापति गोविंद टांक तक को उनके अपने संगठन में उचित मान-सम्मान नहीं मिल पा रहा है। सुथार ने विधायक जोगेश्वर गर्ग के उस पुराने और चर्चित वादे की भी याद दिलाई जिसमें उन्होंने अस्पताल में वेंटिलेटर न लगने पर आत्मदाह करने की बात कही थी। उन्होंने तीखा सवाल दागा कि आज डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद जालोर के अस्पताल में वेंटिलेटरों की वास्तविक स्थिति क्या है, इसका स्पष्ट जवाब जनता को मिलना चाहिए।
निवर्तमान पार्षद लक्ष्मण सांखला ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 1990 के बाद से अधिकांश समय जालोर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का ही विधायक काबिज रहा है, इसलिए विकास न होने का पूरा हिसाब भाजपा को देना होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान स्वीकृत और प्रगति पर चल रहे विकास कार्यों में भी जानबूझकर राजनीतिक बाधाएं डाली गईं। इसके साथ ही, नगर परिषद के भीतर उजागर हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर भी विधायक को अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
आगामी चुनाव होंगे जनमुद्दों पर केंद्रित
कांग्रेस नेताओं ने अंत में स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाले नगर निकाय चुनाव अब किसी भी व्यक्तिगत बयानबाजी या अनर्गल प्रलाप के आधार पर नहीं लड़े जाएंगे। चुनाव पूरी तरह से जालोर के सच्चे विकास, पेयजल, बिजली, सड़क, सीवरेज और नगर परिषद की कार्यप्रणाली जैसे ठोस जनमुद्दों पर आधारित होंगे। अब जालोर की जागरूक जनता ही यह तय करेगी कि उन्हें किस तरह की राजनीति और कैसा जिम्मेदार प्रतिनिधित्व चाहिए।



