जयपुर साइबर क्राइम की बड़ी कार्रवाई, पहचान वाली युवती का चेहरा जोड़ वायरल किए जाते रहे फर्जी वीडियो, जालौर के चार युवक सलाखों के पीछे
राजधानी जयपुर की साइबर पुलिस ने वाट्सअप ग्रुप्स के ज़रिए एक परिचित युवती का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले शातिरों की गैंग को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस की फुर्ती और तकनीकी जांच के सामने आखिरकार फर्जी वीडियो बनाने और उसे वायरल करने के मास्टरमाइंड चार युवक धर लिए गए।
घटना की पूरी पटकथा
16 जुलाई 2023—पीड़िता ने पुलिस को बताया कि किसी ने उसका चेहरा जोड़कर अश्लील वीडियो बना कर उसके नाम से वाट्सअप और ट्विटर ग्रुप्स पर वायरल कर दिया। पुलिस के पास केस पहुंचते ही स्पेशल ऑफेंस और साइबर क्राइम थाना एक्टिव हुआ।
आरोपियों की पहचान—कोटड़ा, भीनमाल, सांचौर और बागोडा (जालौर) के रहने वाले मांगीलाल, प्रवीण भादू, रामगोपाल और सुरेश कुमार के रूप में हुई। सभी एक समाज के हैं और उम्र 24-25 के बीच। पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर सबको गिरफ्तार कर लिया और मोबाइल समेत अश्लील वीडियो भी जब्त कर लिए। फर्ज़ीवाड़े के जरिये युवती को बदनाम करने की इनकी साजिश अब सलाखों के पीछे पहुंच गई है।
पुलिस टीम – मानसरोवर थाना पुलिस की तगड़ी टीम ने केस की गंभीरता से जांच की। अश्लील वीडियो के श्रोतों की गहराई से जांच जारी है, ताकि मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके और डिजिटल अपराधियों की चैन को तोड़ा जा सके।
सर्कल ओपिनियन
सोचिए, किसी भी फर्जी डिजिटल साजिश का शिकार आप भी हो सकते हैं। जयपुर पुलिस की सख्ती ने आज जालौर के साइबर बदमाशों के खिलाफ बड़ा संदेश भेजा है— डिजिटल अपराधियों, संभल जाओ! आज कानूनी शिकंजा कसा है, कल और मजबूत होगा।







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