सीडीपीओ श्यामलाल और बाबू दलपत कुमार पर संगीन इल्ज़ाम, महिलाओं से हज़ारों वसूलने का ऑडियो वायरल, 180 केंद्रों पर फैला मनी लूट का घोटाला
जयपुर/जालोर से बड़ी सनसनी
राजस्थान के जालोर ज़िले के रानीवाड़ा परियोजना कार्यालय के अंदर पिछले दो साल से चल रहा कथित भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आ गया है।
आंगनवाड़ी के 180 केंद्रों पर काम करने वाली मासूम और गरीब महिला कार्यकर्ताओं से भत्तों, बिलों और इंसेंटिव के नाम पर हज़ारों रुपये हड़पने का आरोप सीडीपीओ श्यामलाल और कार्यालय के यूडीसी (बाबू) दलपत कुमार पर लगा है।
ये मामला तब तूल पकड़ गया जब इन दोनों का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें महिलाओं से बकाया भुगतान के बदले मोटी रकम मांगने की बात हो रही है।

पैसों का खेल – बिलों में हेराफेरी से दलालों के ज़रिये वसूली तक
शिकायत में दर्ज आरोपों के मुताबिक –
- अप्रैल 2022 से अक्टूबर 2024 तक के गरम पोषाहार (Hot Cooked Meal) के बिलों का भुगतान जान-बूझकर रोका गया और दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच एक साथ किया गया।
- इस देरी और भुगतान के दौरान 40% से 60% तक की रकम कार्यकर्ताओं से दलालों के ज़रिये वसूली गई।
- कुछ खातों में 25 से 30 हज़ार तक और कुछ में केवल 12 से 20 हज़ार तक राशि जमा कर HALF यानी 50% रकम वापस ऐंठ ली गई।
- यहां तक कि सरकारी छुट्टियों और रविवार को भी कार्यालय खोलकर महिला कार्यकर्ताओं को बुलाया गया और दबाव में कैश वसूली की गई।

दलालों की पूरी फ़ौज काम पर
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस वसूली में स्थानीय दलालों का एक जाल काम कर रहा था।
नाम शामिल हैं –
- ईश्वरलाल (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का पति, आजोदर निवासी) – 30-35 कार्यकर्ताओं से ₹10-15 हज़ार वसूले।
- हंसा देवी (बड़गांव) – 7-8 कार्यकर्ताओं से रकम लेकर बाबू को दी।
- त्रिकमाराम – अपनी दुकान में 30-35 कार्यकर्ताओं से रकम ली।
- पारसा राम सैनी – चारा बस स्टैंड पर 15-20 कार्यकर्ताओं से ₹10-11 हज़ार वसूले।
- इसके अलावा, सीता देवी, दीपिका देवी, निरू देवी, और मनीषा देवी जैसी चहेती कार्यकर्ताओं के ज़रिये भी उगाही की गई।

"रोष दिखाकर लूटा गया" – महिलाएं रो-रोकर सुनाईं आपबीती
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि आरोपी सीडीपीओ श्यामलाल की नाराज़गी और ट्रांसफर की धमकी दिखाकर पैसों की लूट की गई। शिकायत में ये भी कहा गया कि 15-20 कार्यकर्ताओं के खातों में दूसरों के बिल की रकम डालकर 90% रकम वापस ली गई।
मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत – बड़े स्तर पर जांच की मांग
इस मामले में आज रानीवाड़ा और आसपास के केंद्रों की महिला कार्यकर्ता एकजुट होकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वर्तमान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुकी हैं।
शिकायत की प्रतियां उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जोधपुर, जिला कलेक्टर जालोर और पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल को भी भेजी गई हैं।
पीड़ित कार्यकर्ताओं की मांग है कि –
- दोनों आरोपियों को तात्कालिक निलंबित किया जाए।
- ईमानदार अधिकारी और लेखा सेवा अधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
- दोषियों का जालोर से बाहर तबादला किया जाए।

आख़िर कब मिलेगा इन गरीब और मेहनतकश महिलाओं को इंसाफ़?
यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि महिला सम्मान और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता का सवाल है।
जब महिलाओं और बच्चों के पोषण के लिए जारी सरकारी फंड को ही बंद कमरे में बैठकर लूटा जा रहा हो, तो सोचिए वो समाज में सबसे कमजोर तबके के लिए बनी योजनाओं तक कैसे पहुंचेगा?
दूसरी और,सीडीपीओ श्यामलाल ने सभी आरोपों को खारिज कर इसे मन गठंत बताया| उन्होंने सभी २८ भर्तियो में पारदर्शिता राखी गयी है| सरकारी नियमो के तहेत कार्यवाही की गयी है|
📌 अगर सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश में आंगनवाड़ी सिस्टम और महिला एवं बाल विकास विभाग की साख पर सवाल खड़ा कर सकता है।







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