एसडीएम सुनील कुमार को सौंपा ज्ञापन, गृह जिला जालौर में जमे तहसीलदार को अविलंब हटाने की मांग; दलाल सिस्टम और भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त
रानीवाड़ा (जालौर)। प्रशासनिक कुर्सी के रसूख और तानाशाही के दम पर रानीवाड़ा तहसील कार्यालय इन दिनों भ्रष्टाचार और नियम-विरुद्ध कारनामों का मुख्य अड्डा बन चुका है। आम जनता तो दूर, अब न्याय के रक्षक यानी अधिवक्ता भी यहां के तहसीलदार हनुवंतसिंह देवड़ा के अड़ियल और भ्रष्ट रवैये से सुरक्षित नहीं हैं। तहसील परिसर में दलाल सिस्टम इस कदर हावी है कि बिना ‘चढ़ावे’ के वैध फाइलें भी रद्दी के ढेर में डाल दी जाती हैं, जबकि भ्रष्टाचार की मलाई के दम पर नियम-कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस तानाशाही के खिलाफ अब रानीवाड़ा बार एसोसिएशन ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है।
वकील को दी जेल भेजने और झूठे मुकदमे की धमकी
मामला तब गरमा गया जब अधिवक्ता प्रवीण कुमार बिश्नोई 10 जून 2026 को एक पक्षकार की पुनर्अवलोकन प्रार्थना पत्र की फाइल लेकर तहसीलदार कार्यालय की उप-पंजीयक शाखा पहुंचे। वहां मौजूद तहसीलदार हनुवंतसिंह देवड़ा ने प्रार्थना पत्र लेने से साफ मना कर दिया। जब अधिवक्ता ने नियमसंगत तरीके से प्रार्थना पत्र लेने का आग्रह किया, तो तहसीलदार अपना आपा खो बैठे। उन्होंने न केवल गरिमा की सीमाएं लांघी, बल्कि अधिवक्ता को धमकी देते हुए कहा, “मेरी राजनीतिक पहुंच बहुत ऊपर तक है, तुम यहां से भाग जाओ… नहीं तो पुलिस में मुकदमा दर्ज कराकर तुम्हें जेल भिजवा दूंगा।” इतना ही नहीं, पक्षकार द्वारा इस पूरी घटना का वीडियो बनाने पर भी तहसीलदार भड़क गए।

गृह जिले में ही जमे हैं तहसीलदार
नियमों के मुताबिक किसी भी अधिकारी की तैनाती उसके गृह जिले में नहीं होनी चाहिए, लेकिन तहसीलदार देवड़ा जालौर जिले के ही मूल निवासी होने के बावजूद लंबे समय से इसी जिले में पदस्थापित हैं। वकीलों का आरोप है कि इसी स्थानीय राजनीतिक रसूख और ‘ऊपर तक सेटिंग’ के घमंड में चूर होकर तहसीलदार लगातार नियम-विरुद्ध कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
इस अभद्र व्यवहार और दलालों के बढ़ते दखल के विरोध में 11 जून 2026 को बार एसोसिएशन रानीवाड़ा की एक आवश्यक बैठक बुलाई गई, जिसमें तहसीलदार के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की गई। इसके बाद बार संघ के अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह देवड़ा के नेतृत्व में वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सुनील कुमार से मिला और राजस्व मंडल अजमेर के नाम एक कड़क ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे मौजूद: बार संघ के अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह देवड़ा के साथ अधिवक्ता प्रवीण कुमार बिश्नोई, जबरा राम पुरोहित, जानूराम, मोहन लाल, पुखराज बिश्नोई, नारायण सिंह करनोत, अमृत कटारिया, रमेश सैन, भोपाल सिंह, जगदीश सिंह, ललित पुरोहित, रमेश गर्ग, केसरदान सहित बार एसोसिएशन के तमाम सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन की प्रमुख मांगें:
- तहसीलदार हनुवंतसिंह देवड़ा को उनके गृह जिले जालौर से अविलंब हटाया जाए।
- नियमों के विरुद्ध किए जा रहे कार्यों और तहसील में सक्रिय दलाल सिस्टम की उच्च स्तरीय जांच हो।
- अधिवक्ता के साथ की गई बदसलूकी और धमकी के मामले में दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
वकीलों ने साफ अल्टीमेटम दिया है कि यदि इस तानाशाह और भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर तुरंत लगाम नहीं कसी गई, तो बार एसोसिएशन उग्र आंदोलन और न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



