अणंदगिरी जी माताजी के नाम विशाल भजन संध्या ने भक्तों को किया भावविभोर
सांचोर: राजस्थान की पावन धरती, सांचोर में धर्म और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। चितलवाना उपखंड के रतोड़ा मठ में शुक्रवार की रात्रि ‘एक शाम अणंदगिरी जी माताजी के नाम’ विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रात ढलते ही जैसे-जैसे भजन संध्या परवान चढ़ी, समूचे मठ परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जाने-माने भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक मधुर भजनों की ऐसी सरगम छेड़ी कि हर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठा। माताजी के जयकारों और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरी रात मठ गूंजता रहा। इस अलौकिक आयोजन में लाछड़ी, रतोड़ा और जोधावास गहलोत परिवार ने अपनी सेवाएँ दीं और शनिवार को भोजन प्रसादी का भी आयोजन किया, जिसका लाभ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उठाया।

अब होगी भव्य प्राण प्रतिष्ठा: चढ़ावे की बोलियां 23 अक्टूबर को
यह भजन संध्या तो बस शुरुआत थी। रतोड़ा मठ में जल्द ही श्री अणंदगिरी जी माताजी मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है। यह महायज्ञ श्री श्री 1008 महंत हंसगिरी जी महाराज, श्री श्री 1008 कैलाश पुरी जी महाराज (मठ हाड़ेचा), श्री श्री 1008 संतोषपुरी जी महाराज (होथीगांव मठ) और श्री श्री 108 कैलाश गिरी जी महाराज (गलीफा मठ) जैसे पूज्य संतों और महंतों के पावन सानिध्य में संपन्न होगा, जो इस आयोजन को और भी दिव्य बनाएगा।
इस भव्य महोत्सव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, प्राण प्रतिष्ठा के लिए चढ़ावे की बोलियां 23 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजे से रतोड़ा की पावन धरा पर बोली जाएंगी। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने और पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए देश के कई ख्याति प्राप्त भजन कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस धर्म कार्य में भागीदार बनने का विनम्र आह्वान किया है।
यह आयोजन सिर्फ एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और समर्पण की एक नई मिसाल पेश करेगा।



