सर्कल न्यूज नेटवर्क जालोर/बिशनगढ़। बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के आलासन गांव में 11 जून को हुई पप्पाराम वाल्मीकि की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मृतक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही परिवार ने मिलकर की थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो विधि संघर्षरत किशोर बालक-बालिका को निरुद्ध किया है।
घरेलू कलह और मारपीट बनी हत्या की वजह
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि मृतक पप्पाराम (56) अत्यधिक शराबी प्रवृत्ति का था। वह आए दिन शराब के नशे में धुत होकर घर आता और अपनी पत्नी व बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट व गाली-गलौज करता था। रोज-रोज के इस टॉर्चर और घरेलू कलह से तंग आकर परिवार ने एक राय होकर खौफनाक कदम उठाने की साजिश रची। 11 जून की रात को जब पप्पाराम ने फिर से विवाद किया, तो परिजनों ने आपा खो दिया और ईंट व लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

ऐसे सुलझी कत्ल की गुत्थी
घटना के बाद मृतक के भाई किशोर कुमार ने बिशनगढ़ थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जालोर पुलिस अधीक्षक श्री मोटाराम अति. के निर्देशन और वृत्त अधिकारी (डीएसपी) श्री गौतम जैन के सुपरविजन में बिशनगढ़ थानाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
- साक्ष्य संकलन: पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल को सुरक्षित किया। मामले की कड़ाई से जांच के लिए एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) टीमों को मौके पर बुलाकर वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए।
- सख्ती से पूछताछ में टूटा परिवार: जब पुलिस ने मृतक की पत्नी अतियादेवी (50) और पुत्र राणाराम (20) से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला काराग्रह जालोर भेज दिया है, वहीं वारदात में शामिल दो अन्य नाबालिग बच्चों को संप्रेषण गृह भेजा गया है।
कार्रवाई में शामिल जालोर पुलिस की टीम
इस सनसनीखेज हत्याकांड का त्वरित खुलासा करने वाली टीम में बिशनगढ़ थानाधिकारी मनोज कुमार (नि.पु.), सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) भैराराम, सउनि डूंगाराम, कांस्टेबल रणवीर सिंह (207), हड़मानाराम (372), राकेश एचरा (09), परबतसिंह (657), नैनाराम (318) और चालक राकेशपुरी शामिल रहे।



