धार्मिक भावनाएं आहत करने व बिना लाइसेंस क्लीनिक संचालन का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई व एफआईआर दर्ज करने की मांग की
भीनमाल।
ग्राम पंचायत जुंजाणी में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और अवैध रूप से क्लीनिक संचालन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस संबंध में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. पूजा सक्सेना, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा स्थानीय पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि गांव में संचालित एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक व्यक्ति द्वारा लगातार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट साझा की जा रही हैं। इन टिप्पणियों में विभिन्न धर्मों, जातियों, समाजों और सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे गांव का शांतिपूर्ण माहौल प्रभावित हो रहा है।
⚠️ सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से गांव में आपसी भाईचारे और सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रही इस तरह की टिप्पणियों से धार्मिक एवं जातीय तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। गांव के कुछ जागरूक लोगों द्वारा संबंधित व्यक्ति को समझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
🏥 अवैध क्लीनिक संचालन का आरोप
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा गांव में बिना किसी वैध अनुमति के क्लीनिक संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि बिना लाइसेंस दवाइयों का वितरण किया जा रहा है, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद दोबारा उसका संचालन शुरू कर दिया गया है।
📢 सख्त कार्रवाई व एफआईआर की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध क्लीनिक को तुरंत प्रभाव से बंद कर संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
⏳ शीघ्र हस्तक्षेप की अपील
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो गांव की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है, ताकि सामाजिक सौहार्द कायम रह सके और आमजन का स्वास्थ्य सुरक्षित बना रहे।







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