नींद की गोलियां खिलाकर कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट; थराद पुलिस और पेरोल फर्लो स्क्वॉड की संयुक्त कार्रवाई में दबोचा गया मुख्य कातिल।
मुख्य समाचार: रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात
थराद (बनासकांठा)। थराद तालुका के करबुण गांव की सीमा में 16 मार्च की रात हुई रणछोड़जी भोमाजी दरबार की जघन्य हत्या की गुत्थी को थराद पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी भाणाभाई भीखाभाई माजीराणा को अहमदाबाद के पास अडालज से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
अवैध संबंधों के कारण हुई हत्या पुलिस जांच और डीएसपी (थराद) एस.एम. वारोटरिया के अनुसार, मृतक रणछोड़जी की पत्नी धर्मीबेन के गांव के ही भाणाभाई माजीराणा के साथ अवैध संबंध थे। जब रणछोड़जी को इस बात की जानकारी हुई, तो पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया।
षड्यंत्र: खाने में जहर और कुल्हाड़ी से वार घटना वाली रात, धर्मीबेन ने योजना के मुताबिक पति को खाने में नींद की गोलियां खिला दीं। जब रणछोड़जी गहरी नींद में सो गया, तब प्रेमी भाणाभाई माजीराणा ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। इस षड्यंत्र में परिवार की ही एक अन्य महिला आनंदबा केसरसिंह चौहान ने भी मदद की थी।

अहमदाबाद से दबोचा गया मुख्य आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी भाणाभाई बस में बैठकर अहमदाबाद की ओर फरार हो गया था। थराद पीआई ए.टी. पटेल और पेरोल फर्लो स्क्वॉड की टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से उसका पीछा किया। पुलिस ने अहमदाबाद के पास अडालज में बस रुकवाकर भाणाभाई को धर दबोचा।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला: पुलिस ने इस मामले में कुल तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है:
- भाणाभाई भीखाभाई माजीराणा (मुख्य आरोपी – गिरफ्तार)
- धर्मीबेन (मृतक की पत्नी – मुख्य षड्यंत्रकारी)
- आनंदबा केसरसिंह चौहान (सहयोगी)
पुलिस की कार्रवाई: थराद पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद किया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस अपराध में परिवार के कुछ और सदस्य भी शामिल थे।



